
यमकेश्वर, 25 जुलाई, 26. महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी में शनिवार, 25 जुलाई को अमर शहीद श्री देव सुमन जी की पुण्यतिथि के अवसर पर भावभीनी श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया तथाा उनके संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया गया। वे उत्तराखंड के महान स्वतंत्रता सेनानी और जननायक थे।
श्री देव सुमन के त्याग और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लें युवा: प्रो. योगेश कुमार शर्मा

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री देव सुमन जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) योगेश कुमार शर्मा, प्राध्यापकों एवं प्रशासनिक अधिकारी महेंद्र सिंह बिष्ट ने श्री देव सुमन के त्याग, अदम्य साहस, राष्ट्रप्रेम और जनहित के लिए किए गए ऐतिहासिक संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से श्री देव सुमन के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने उनके जनहित, त्याग, और टिहरी राजशाही के अन्याय के खिलाफ किए गए 84 दिनों के ऐतिहासिक आमरण अनशन पर प्रकाश डाला। उनका एक प्रसिद्ध विचार आज भी लोगों के लिए प्रेरणादायी है:- ‘यदि मेरी मांगें न मानी गयीं, तो मैं अपने प्राण दे दूंगा, पर टिहरी के इतिहास में यह लिखा जायेगा कि एक तरफ राजा की निरंकुशता थी और दूसरी तरफ प्रजा की निष्ठा।’
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित प्राध्यापकों, कर्मचारियों व छात्र-छात्राओं ने अमर शहीद के आदर्शों का अनुसरण करने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी निष्ठापूर्वक भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीरज नौटियाल द्वारा किया गया।
इस अवसर पर डॉ. रितु कश्यप, डॉ. तनुजा बिष्ट, डॉ. गिरिराज सिंह, डॉ. विनय कुमार पांडे, डॉ. सुनील प्रसाद, पूजा रानी, डॉ. हिमानी बडोनी, डॉ. केशव प्रसाद डबराल, डॉ. सुरेश कुमार चौबे, नरेश, वरिष्ठ सहायक सरोजनी देवी, कनिष्ठ सहायक अरविंद, बीना देवी, सतीश सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।



