
यमकेश्वर, 1 अगस्त, 26. नीलकंठ महादेव मंदिर में सावन कांवड़ यात्रा के दौरान उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशों और जिलाधिकारी के निर्देशन में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु अनुकूल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, पार्किंग, यातायात, पेयजल, विद्युत एवं चिकित्सा सुविधाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
नीलकंठ यात्रा को लेकर जिलाधिकारी रोज कर रही हैं समीक्षा
जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। तैनात जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट नियमित रूप से रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे हैं। सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय से व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में जुटे हैं।
नीलकंठ क्षेत्र में 50 सफाई कर्मी और चार कूड़ा वाहन तैनात
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी संजय खण्डूरी ने बताया कि नीलकंठ क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था के लिए 50 सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। कूड़े के नियमित उठान एवं निस्तारण के लिए चार कूड़ा पिकअप वाहन लगाए गए हैं, जो प्रतिदिन अपशिष्ट को निस्तारण केंद्र तक पहुंचा रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए जिला पंचायत की 60 वाहन क्षमता वाली पार्किंग निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है।
महिला श्रद्धालुओं के लिए पिंक टॉयलेट और अमृत कक्ष
महिला कांवड़ श्रद्धालुओं की सुविधा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्ग पर पिंक टॉयलेट स्थापित किए गए हैं। इनमें टैंकरों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति की जा रही है। वहीं धात्री माताओं और शिशुओं की सुविधा के लिए अमृत कक्ष (फीडिंग रूम) की व्यवस्था भी की गई है। पीपलकोटी से पार्किंग स्थल के मध्य महिलाओं और पुरुषों के लिए तीन-तीन सीटों वाले बायो-टॉयलेट भी स्थापित किए गए हैं। पार्किंग स्थल पर 10-सीटर शौचालय बनाया गया है, जिसमें महिलाओं और पुरुषों के लिए पांच-पांच सीटें हैं। निकासी द्वार पर भी अतिरिक्त शौचालय की व्यवस्था की गई है।
22 कूड़ेदान, दिन में तीन बार कचरे का निस्तारण
मंदिर मार्ग पर अलग-अलग क्षमता के चार शौचालय स्थापित किए गए हैं। इनकी साफ-सफाई के लिए कार्मिकों की रोस्टरवार तैनाती की गई है। सूखे और गीले कचरे के पृथक संग्रहण के लिए यात्रा मार्ग पर 22 कूड़ेदान लगाए गए हैं, जिन्हें प्रतिदिन तीन बार खाली कर कचरा निस्तारण केंद्र भेजा जा रहा है। बरसात के दौरान फिसलन की संभावना को देखते हुए मंदिर जाने वाले मार्गों पर नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला पंचायत के 10 कार्मिकों को नीलकंठ क्षेत्र में स्थायी रूप से तैनात किया गया है।
प्रशासन द्वारा किये गये प्रमुख इंतजाम
पैदल, दोपहिया और चारपहिया वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग रूट तय किये गये हैं। बड़े वाहनों के लिए IDPL मुनि की रेती में मुख्य पार्किंग बनाई गयी है, जहां से श्रद्धालु पैदल या बैराज मार्ग होकर आगे बढ़ेंगे। छोटे वाहनों को नटराज बायपास से गरुड़चट्टी मार्ग की ओर भेजा जा रहा है। वापसी के लिए बैराज से चीला होते हुए मार्ग निर्धारित किया गया है।



