विधायकों और मंत्रियों की होगी सीधी बैठक, 2 माह के एक्शन प्लान से सुलझेंगी क्षेत्रीय समस्याएं

देहरादून, 7 अगस्त, 26. दिल्ली में हुई भाजपा कोर कमेटी की बैठक में संगठन और सरकार दो माह का एक्शन प्लान लेकर लौटे हैं। सभी विधायक अपने क्षेत्र में रहते हुए मानसून की विषम परिस्थितियों में लोगों की जरूरत का ख्याल रखते हुए दुख-दर्द के सहभागी बनेंगे। अपने स्थानीय चुनावी वादों को धरातल पर उतारने के लिए सीधे सीएम कार्यालय से संपर्क में रहेंगे ताकि सरकार तत्काल लोगों की आवश्यकताओं व समस्याओं का समाधान कर सके।
कोर कमेटी की बैठक में फोकस इस बात पर भी था कि संगठन राज्य के कोर वोटर को छिटकने नहीं दें। हर उस पुराने कार्यकर्ता तक पहुंच बनाई जाए जो किसी न किसी वजह से खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। अगले दो माह के संगठन के कार्यक्रमों का तानाबाना भी इसी तरह से बुना गया है ताकि इस बात पर जोर रहे कि अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ता तय कार्यक्रमों में जुटें।
विधायक और मंत्री साझा करेंगे जरूरतें
इस कार्ययोजना के तहत सभी विधायक अपने इलाकों की प्राथमिकता और जता की मांगों से संबंधित रिपोर्ट सीधे विभागीय मंत्रियों और मुख्यमंत्री के सम्मुख रखेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री और मंत्रियों (जिनमें विभागीय प्रमुख व वरिष्ठ नेता शामल है) के साथ विधायकों की विशेष बैठकें होंगी, ताकि फाइलों के अटकने की समसस्या को दूर कर विकास कार्यों की तुरंत हरी झंडी दिलाई जा सके।इस दौरान विधायक, संगठन के पदाधिकारियों, दायित्वधारियों की सक्रियता और गतिविधियों की बाहरी तौर पर संघ भी निगरानी करेगा। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों का भी इस बात पर जोर था कि विधायक अपने क्षेत्र में और अधिक सक्रिय रहें और जनसहभागिता बढ़ाएं।
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा जिन 23 सीटों पर नहीं जीत पाई थी, उनके मतदाताओं को भी साधने पर जोर दिया गया है। कोर कमेटी की बैठक में इन सभी सीटों के लिए रणनीति बनाने पर मंथन हुआ। तय हुआ कि संगठन इन सभी जगहों पर अगले छह माह तक पूरी सक्रियता से काम करेगा। सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने से लेकर वरिष्ठ नेता यहां प्रवास करेंगे। इस दौरान इन सीटों के लिए संगठन सक्रियता, धरातल पर पकड़ के आधार पर मजबूत चेहरों की भी तलाश करेगा।



