
देहरादून, 13 अगस्त, 26. चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 14 अगस्त से अगला पड़ाव शुरू हो रहा है। इसके तहत जिन मतदाताओं के वोट पर आपत्तियां लगी हैं, उन्हें नोटिस जारी होंगे। इन पर जवाब देना होगा। चुनाव आयोग ने मतदाताओं को आपत्ति का मौका दिया है, जिसके तहत 13 अगस्त तक आपत्ति जताई जा सकती हैं।
आज से आपत्ति करने वाले और मतदाता दोनों को मिलेंगे नोटिस
14 अगस्त से आपत्ति करने वाले और मतदाता दोनों को नोटिस जारी होने शुरू होंगे। ये नोटिस ईआरओ या एईआरओ के स्तर से जारी होंगे। ज्यादातर मतदाताओं को लेकर ये आपत्तियां हैं कि वे या तो उस जगह से जा चुके हैं या फिर वहां के निवासी नहीं हैं। आपत्तिकर्ता को अब इस बात का सबूत नोटिस की सुनवाई के दौरान देना होगा जबकि मतदाता अपना प्रमाण देंगे। बीएलओ द्वारा मतदाताओं से सत्यापन मांगा जायेगा।
14 अगस्त से आपत्ति करने वाले और मतदाता दोनों को नोटिस जारी होने शुरू होंगे। ये नोटिस ईआरओ या एईआरओ के स्तर से जारी होंगे। ज्यादातर मतदाताओं को लेकर ये आपत्तियां हैं कि वे या तो उस जगह से जा चुके हैं या फिर वहां के निवासी नहीं हैं। आपत्तिकर्ता को अब इस बात का सबूत नोटिस की सुनवाई के दौरान देना होगा जबकि मतदाता अपना प्रमाण देंगे। बीएलओ द्वारा मतदाताओं से सत्यापन मांगा जायेगा।
जवाब न देने पर हो सकती है कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि यदि संबंधित मतदाता तय समससीमा के भीतर अपना पक्ष, आवश्यक दस्तावेज या स्पष्टीकरण बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय में प्रस्सुत नहीं करते हैं तो उनका नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। निर्वाचन विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपना जवाब या दस्तावेज जमा कर वोटिंग पात्रता सुनिश्चित कर लें।
प्रशासन ने साफ किया है कि यदि संबंधित मतदाता तय समससीमा के भीतर अपना पक्ष, आवश्यक दस्तावेज या स्पष्टीकरण बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय में प्रस्सुत नहीं करते हैं तो उनका नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। निर्वाचन विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपना जवाब या दस्तावेज जमा कर वोटिंग पात्रता सुनिश्चित कर लें।
घर-घर जाकर भी कर सकते हैं सत्यापन
बीएलओ या अन्य प्राधिकृत अधिकारी मौके पर जाकर या घर-घर जाकर भी सत्यापन करेंगे कि संबंधित मतदाता वास्तव में उस पते पर निवास करता है या नहीं। ईआरओ आपत्तिकर्ता और मतदाता दोनों पक्षों के साक्ष्य, दस्तावेज और बीएलओ की रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद अपना निर्णय लेंगे। यदि आपत्ति सही पाई जाती है तो उस मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा। यदि आपत्ति आधारहीन या गलत साबित हुई तो मतदाता का नाम सूची में रहेगा।
बीएलओ या अन्य प्राधिकृत अधिकारी मौके पर जाकर या घर-घर जाकर भी सत्यापन करेंगे कि संबंधित मतदाता वास्तव में उस पते पर निवास करता है या नहीं। ईआरओ आपत्तिकर्ता और मतदाता दोनों पक्षों के साक्ष्य, दस्तावेज और बीएलओ की रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद अपना निर्णय लेंगे। यदि आपत्ति सही पाई जाती है तो उस मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा। यदि आपत्ति आधारहीन या गलत साबित हुई तो मतदाता का नाम सूची में रहेगा।



