प्रदेश के 26 मदरसों को मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान किए मान्यता प्रमाण-पत्र

देहरादून, 2 सितंबर। उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के आईआरडीटी सभागार में आयोजित अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान मान्यता प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में प्रदेश के 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम की थीम “नई पहचान, नया सम्मान। आधुनिक शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य” रही।
उन्होंने कहा कि केवल किताबी ज्ञान अब पर्याप्त नहीं है। बच्चों को व्यावहारिक, आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा मिलनी चाहिए, ताकि वे अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, वैज्ञानिक, लेखक या अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ सकें। कृषि जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में भी आधुनिक तकनीक और शोध को अपनाने पर उन्होंने जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का उद्देश्य किसी वर्ग को निशाना बनाना नहीं, बल्कि हर बच्चे को समान अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सभी वर्गों के बीच आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द की परंपरा रही है। सरकार व्यक्ति की पहचान या वर्ग नहीं, बल्कि उसके कार्य और योगदान को महत्व देती है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता की तरह अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण को लेकर भी सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक समाज के कुछ वर्गों को अच्छी शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसरों से वंचित रखा गया। अब शिक्षा और विकास के माध्यम से इस सोच को बदलने का समय है।
उन्होंने मान्यता प्राप्त संस्थानों से कहा कि यह प्रक्रिया केवल प्रमाण-पत्र तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। गांव-गांव और घर-घर तक आधुनिक शिक्षा का संदेश पहुंचे और उसका असर बच्चों की प्रतिभा, शिक्षा और रोजगार के अवसरों में दिखाई दे, यही इस पहल की वास्तविक सफलता होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 14-15 वर्ष की उम्र के बच्चे आज ऐसी तकनीकी और डिजिटल जानकारी रखते हैं, जिसे कई बार बड़े लोग भी नहीं जानते। ऐसे में नई पीढ़ी की क्षमता को पहचानकर उसे सही दिशा और अच्छे संस्कार देना शिक्षण संस्थानों और समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के भविष्य निर्माण से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उत्तराखंड में शुरू हुई अल्पसंख्यक शिक्षा की यह नई व्यवस्था आगे चलकर देश के लिए उदाहरण बने, सरकार की यही अपेक्षा है। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास, उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव विक्रम सिंह यादव सहित विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मान्यता पाने वाले 26 संस्थानों में देहरादून के छह, हरिद्वार के 19 और ऊधमसिंहनगर का एक संस्थान शामिल है। ऊधमसिंहनगर के केलाखेड़ा स्थित एम.जी.एन. पब्लिक स्कूल को नवीन मान्यता प्रदान की गई।



