नशा युवाओं के लिए सबसे बड़ा अभिशाप, स्वस्थ युवा से ही साकार होगा ‘विकसित भारत’ का सपना

यमकेश्वर, 14 अक्टूबर, 26. महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी में बुधवार (14 अक्टूबर 2026) को एंटी ड्रग्स समिति के तत्वावधान में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. ऋतु कश्यप ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजेश कुमार त्रिपाठी उपस्थित रहे। सेमिनार में वक्ताओं ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से आगाह करते हुए इसके खिलाफ एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया।
मां सरस्वती की वंदना से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य और मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा वंदना प्रस्तुत की गई। प्रभारी प्राचार्य ने मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।


उत्तराखंड में नशे के इतिहास पर चर्चा
एंटी ड्रग्स समिति की संयोजक डॉ. तनुजा बिष्ट ने अपने संबोधन में उत्तराखंड में नशामुक्ति के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 1822 में अंग्रेजों द्वारा अल्मोड़ा में प्रथम ‘कुमाऊँ एक्साइज डिपार्टमेंट’ बनाया गया था। साथ ही, एंटी-लिकर मूवमेंट के तहत विमला बहुगुणा और सुंदरलाल बहुगुणा द्वारा चलाए गए ऐतिहासिक आंदोलनों का स्मरण किया गया।

वैज्ञानिक विश्लेषण और दुष्प्रभाव
डॉ. हिमानी बडोनी ने ‘ड्रग्स से होने वाले दुष्प्रभाव’ विषय पर वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत किया और शरीर पर नशे से पड़ने वाले घातक प्रभावों की जानकारी दी।
एनडीपीएस कानून और पुलिस की अपील
मुख्य वक्ता पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजेश कुमार त्रिपाठी ने एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत कड़े प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि नशे का व्यापार और सेवन दोनों ही गंभीर अपराध हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि यदि वे कहीं भी नशे की अवैध बिक्री देखें, तो तुरंत 112 या एंटी ड्रग्स हेल्पलाइन पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
छात्र-छात्राओं की सहभागिता
बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की छात्रा कु. प्रीति ने समाज और महिलाओं पर नशे के पड़ रहे दुष्प्रभावों पर अपने विचार रखे। बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की छात्रा कु. निकिता ने युवाओं से आह्वान किया कि हम न नशा करेंगे और न ही किसी को करने देंगे।
नशा मुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के अंत में प्रभारी प्राचार्य डॉ. ऋतु कश्यप ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि नशा आज युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा अभिशाप बनता जा रहा है। ‘विकसित भारत’ का सपना तभी पूर्ण होगा जब देश का युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होगा। इसके बाद सभी प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं को नशा मुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के संस्कृत विभाग के प्राध्यापक डॉ. नीरज नौटियाल ने किया। इस अवसर पर डॉ. विनय कुमार पाण्डे, डॉ. सुनील प्रसाद देवरारी, डॉ. केशव प्रसाद डबराल, डॉ. सुरेश कुमार चौबे, श्री सतीश, श्री आयुष, निकिता, श्वेता, रोहित सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



