
देहरादून, 24 अक्टूबर, 26. निजी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में बाद स्कूल के बाहर छात्र संघ से जुड़े लोगों ने हंगामा किया. एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अबतक कार्रवाई न होने और टीचर पर मुकदमा दर्ज न होने को लेकर जमकर हंगामा किया. दूसरी तरफ जिला प्रशासन की ओर से गठित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की ओर से छात्रा को समझाए जाने के बाद छात्रा की ओर से पुलिस में तहरीर दे दी गई है. तहरीर के आधार पर पुलिस प्रशासन की ओर से एफआईआर दर्ज कर ली गई है. फिलहाल स्कूल प्रबंधन ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है. वहीं, आरोपी टीचर ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके 25 साल के करियर में उन पर पहली बार इस तरह के आरोप लगे हैं।
मामला संज्ञान में आने के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की ओर से बच्चों और उनके अभिभावक से संपर्क किया गया. हालांकि, सामाजिक मर्यादा को देखते हुए बच्चे पहले सामने नहीं आ रहे थे. लेकिन जब वेलफेयर कमेटी की ओर से उनको समझाया गया फिर उन्होंने तहरीर दी है. ऐसे में बच्चों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस प्रशासन की ओर से सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. इसके साथ ही यहां पर छात्र संघ की ओर से भी प्रदर्शन किया गया है. उन्होंने इस बात को कहा कि, स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है।
राकेश तिवारी, सिटी मजिस्ट्रेट, देहरादून
स्कूल प्रबंधन ने टीचर को निलंबित किया
सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि छात्र संघ की ओर से अगर कोई ज्ञापन जिला प्रशासन को प्राप्त होता है तो उसके बाद इस पूरे मामले की जांच करवा कर शिक्षा विभाग के जरिए कार्रवाई की जाएगी. इस तरह की घटना बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि बच्चों का अपना परिवार होता है और दूसरा परिवार विद्यालय होता है. ऐसे में स्कूल की जिम्मेदारी है कि शिक्षा के साथ सुरक्षा भी दें. ऐसे में कोई भी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता है और उनको बचना भी नहीं चाहिए. फिलहाल स्कूल प्रबंधन की ओर से टीचर को निलंबित कर दिया गया है. पूरे मामले की जांच की जा रही है।
मामले में FIR दर्ज
देहरादून के एसपी सिटी शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि छात्रा के साथ हुए छेड़छाड़ संबंधित मामला सामने आने के बाद ही पुलिस ने 23 अक्टूबर को संज्ञान में लिया था. लेडी ऑफिसर की ओर से पीड़िता से बातचीत भी की गई थी. ऐसे में चाइल्ड वेलफेयर समिति की एक प्रक्रिया होती है, जिसके तहत पीड़िता की काउंसलिंग और उससे पूछताछ की गई है. डालनवाला थाने में पीड़ित छात्रा की मां की ओर से जो तहरीर दी गई थी उसके आधार पर सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है. सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस पूरे मामले की जांच की जाएगी.
कल से ही मैं सोशल मीडिया पर तमाम तरह के वीडियो देख रहा हूं. ऐसे में मेरा परिवार इस बात को कह रहा है कि मुझे अपना पक्ष रखना चाहिए. अध्यापक के रूप में 25 साल के करियर में पहली बार इस तरह के आरोप लगे हैं. जबकि मैं सभी बच्चों के साथ अपने बेटे और बेटियों की तरह व्यवहार रखता हूं, लेकिन अगर किसी बच्चे को लगता है कि मुझसे कोई गलती हुई है तो मैं उसके लिए क्षमा मांगता हूं।
-आरोपी टीचर
कांग्रेस ने दिया धरना
उधर, छात्रा के साथ शिक्षक की ओर से कथित छेड़छाड़ और स्कूल के निदेशक की ओर से छात्रा को डराने धमकाने के आरोपों को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के पीसीसी सदस्य और प्रदेश सचिव विनीत प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्कूल के सामने विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना दिया.
विनीत प्रसाद ने कहा कि, सामने आई जानकारी के मुताबिक 15 छात्राओं ने स्कूल के प्राचार्य को लिखित शिकायत दिए जाने का मामला बेहद गंभीर है. अगर इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं ने शिकायत की है तो स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है. इस मामले को किसी भी स्तर पर दबाने, शिकायतों की अनदेखी किए जाने या फिर छात्रों पर दबाव बनाने की कोशिश कांग्रेस पार्टी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी. छात्रा के परिजनों ने स्कूल निदेशक पर शिकायत के बाद छात्रा के साथ कथित तौर पर अमर्यादित व्यवहार किए जाने को भी आरोप लगाया है.
ये है मामला
23 अक्टूबर को स्कूल की छात्रा और उसकी मां ने स्कूल पहुंचकर स्कूल प्रबंधक से शिक्षक के खिलाफ शिकायत दी. पीड़ित परिवार का दावा है कि शिकायत ने 15 छात्राओं के हस्ताक्षर हैं. आरोप लगाया कि 15 अक्टूबर को भी शिक्षक के खिलाफ शिकायत की गई थी. जिस पर प्रबंधन ने शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उल्टा छात्रा पर दबाव शुरू कर दिया. आरोप है कि डायरेक्टर ने भी शिक्षक के पक्ष में अपनी बातें रखी. परिवार ने शिक्षक की बर्खास्तगी और डायरेक्टर से असेंबली में सभी बच्चों के सामने सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की थी.



