देहरादून डीएम आशीष चौहान का समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल को कारण बताओ नोटिस जारी

देहरादून, 31 अक्टूबर, 26. केंद्र पोषित योजनाओं की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने और जरूरी सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराने पर जिलाधिकारी आशीष चौहान ने जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. अधिकारी ने न बैठक में प्रतिभाग किया और न ही किसी प्रतिनिधि को नामित किया. डीएम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.
सरकारी कामकाज में लापरवाही और जिम्मेदारियों के प्रति उदासीनता को लेकर जिलाधिकारी देहरादून ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. केंद्र पोषित योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठक में न तो संबंधित अधिकारी ने निर्धारित सूचनाएं उपलब्ध कराईं और न ही अपनी जगह किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी को बैठक में प्रतिभाग के लिए नामित किया. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी आशीष चौहान ने जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल से स्पष्टीकरण मांगा है.
समाज कल्याण की तरफ से पत्र जारी कर बैठक की जानकारी दी गई थी. यह बैठक भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अपर सचिव की अध्यक्षता में केंद्र पोषित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए आयोजित होनी थी. इसमें संबंधित योजनाओं की प्रगति और अन्य जरूरी सूचनाओं के साथ प्रतिभाग करने के निर्देश दिए गए थे.
जिलाधिकारी के अनुसार जिला समाज कल्याण अधिकारी की तरफ से न तो बैठक से संबंधित जरूरी सूचना और जानकारी उपलब्ध कराई गई और न ही किसी दूसरे अधिकारी या कर्मचारी को बैठक में प्रतिभाग के लिए नामित किया गया. इतना ही नहीं जिलाधिकारी कार्यालय की तरफ से अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से याद दिलाते हुए निर्देश दिए गए थे कि चाही गई सूचनाएं उपलब्ध कराते हुए विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी बैठक में जरूर उपस्थित रहे.
इसके बावजूद अधिकारी की तरफ से न तो कोई जानकारी उपलब्ध कराई गई और न ही इस मामले में कोई बातचीत या स्पष्टीकरण दिया गया. जिलाधिकारी ने इसे पदेन दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और कार्यों के प्रति उदासीनता माना है.
नोटिस में जिला समाज कल्याण अधिकारी से पूछा गया है कि उनके कार्यों के प्रति विमुखता क्यों दिखाई गई? उन्हें अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने या संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में एकतरफा कार्रवाई की जाएगी. इसमें अनुशासनात्मक कार्रवाई, उत्तरदायित्व निर्धारित करने, वेतन आहरण प्रतिबंधित करने और प्रतिकूल प्रविष्टि देने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है. इस मामले पर समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल से बात की गई. उन्होंने कहा मामले में उनकी तरफ से जवाब दे दिया गया है.



