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उत्तराखंड केदारताल ट्रैक से लापता 8 ट्रैकर्स का नहीं लगा कोई सुराग, 30 अक्टूबर से हैं लापता

देहरादून, 2 नवम्बर, 26. केदारताल ट्रैक पर लापता हुए सात ट्रैकर्स और एक गाइड की तलाश में SDRF, उत्तराखंड पुलिस और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) के जवानों द्वारा दुर्गम एवं अत्यधिक विषम परिस्थितियों में सर्च एवं रेस्क्यू अभियान लगातार चलाया जा रहा है. सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के दिशा-निर्देशों में SDRF की एडवांस टीम द्वारा अभियान को आगे बढ़ाते हुए घटनास्थल की ओर सर्चिंग की जा रही है.

अभियान के दौरान करीब 4000 मीटर की ऊंचाई पर केदार खड़क के समीप लापता ट्रैकर्स का टेंट व कुछ अन्य सामान बरामद हुआ है. इसके अतिरिक्त सर्चिंग के दौरान एक बैग भी प्राप्त हुआ है. हालांकि अभी तक लापता ट्रैकर्स का कोई पता नहीं चल पाया है.

घटनास्थल पर मौजूद SDRF टीम प्रभारी द्वारा सैटेलाइट फोन के माध्यम से दी गई सूचना के अनुसार क्षेत्र में लगातार बर्फबारी हो रही है. प्रतिकूल मौसम व अत्यधिक ऊंचाई के कारण सर्च अभियान में चुनौतियां बनी हुई हैं. परिस्थितियों को देखते हुए टीम द्वारा मौके पर ही सुरक्षित कैंप स्थापित कर लिया गया है. रात्रि विश्राम वहीं किया जाएगा. मौसम व परिस्थितियां अनुकूल होने पर टीम द्वारा पुनः सर्च अभियान शुरू किया जाएगा. SDRF द्वारा NIM के जवानों के साथ समन्वय स्थापित कर लापता ट्रैकर्स की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं.

उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने जो जानकारी शेयर की थी, उसके अनुसार 27 अक्टूबर को सात ट्रेकर्स और 6 सपोर्टिंग स्टाफ समेत कुल 13 लोगों का दल गंगोत्री से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था. दल के सभी सदस्यों की भी वापसी 29 अक्टूबर को निर्धारित थी, लेकिन तभी अचानक मौसम खराब हो गया. 30 अक्टूबर को दल के कुछ सदस्यों ने ट्रेकिंग एजेंसी से संपर्क किया और खुद को सुरक्षित बताते हुए मदद मांगी थी.

इसके बाद ट्रेकिंग एजेंसी की तरफ से पोर्टर और गाइड की टीम भेजी गई थी, लेकिन कच्छी ढांग के पास तीन पोर्टर और एक कुक समेत चार लोग सुरक्षित मिल गए थे, लेकिन बाकी के आठ लोगों के बारे में पता चला कि वो भोज खड़क से आगे हिमस्खलन आने के कारण फंसे हुए हैं. रेस्क्यू टीमें बर्फ से बाधित मार्ग को पार कर उनके पास पहुंचने का प्रयास किया था, लेकिन उसमें वो सफल नहीं हो पाए थे.

इसके बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रेस्क्यू का अनुभव रखने वाली नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) और एसडीआरएफ की विशेष टीम को हेलीकॉप्टर से केदारताल क्षेत्र में भेजा गया है, लेकिन इस टीम को भी अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है.

भूस्खलन व हिमस्खलन के कारण जगह-जगह पर ट्रैक टूटा हुआ
पर्वतारोहण से जुड़े लोगों के अनुसार भोजखड़क से पहल ही ट्री साइड लाइन समाप्त हो रही है। उसके बाद खड़ी चट्टानों पर जगह-जगह पर हुए भारी हिमस्खलन के कारण भोजखड़क से आगे बढ़ना बहुत मुश्किल हो रहा है। इसलिए टीमों की ओर से भोजखड़क तक ही खोज-बचाव अभियान चलाया गया।

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