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जय बाबा केदार के उद्घोष से गूंज उठा केदारधाम

रुद्रप्रयाग। जय बाबा केदार के जयघोषण से ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम गुंजायमान हो उठा। आज शुक्रवार को प्रात: 6 बजकर 26 मिनट पर केदारनाथ के कपट आम भक्तों के खोल दिए गये हैं। पुराणों के अनुसार यहां पर भगवान शिव भूमि में समा गए थे। केदार महिष अर्थात भैंसे का पिछला भाग है। केदारनानाथ धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली पूजा की गई। सीएम धामी ने भी भी पूजा-अर्चना कर बाबा केदार का आशीर्वाद लिया।

स्कंद पुराण के मुताबिक केदारनाथ का भगवान शिव का चिर-परिचित आवास है और भू-स्वर्ग के समान है। वहीं केदारखंड में उल्लेख है कि बिना केदारनाथ भगवान के दर्शन किए यदि कोई बदरीनाथ क्षेत्र की यात्रा करता है तो उसकी यात्रा व्यर्थ हो जाती है।

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रोज छह माह तक मंदिर में जलता है दीपक
हर साल भैया दूज पर केदारनाथ धाम के कपाट छह माह के लिए बंद हो जाते हैं। इस दौरान मंदिर और उसके आसपास कोई नहीं रहता है, लेकिन कहते हैं कि शीतकाल के लिए कपाट बंद होने पर छह माह तक मंदिर में दीपक नित्‍य जलता रहता है।

बाबा केदार के मंदिर को दस क्विंटल फूलों से सजाया गया है। वहीं, बृहस्पतिवार को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली भक्तों के जयकारों के बीच अपने धाम पहुंची। विधि विधान के साथ बाबा की डोली को मंदिर के समीप विराजमान किया गया है। साथ ही अन्य धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया गया है।

सबसे पहले पुजारियों व वेदपाठियों ने गर्भगृह में साफसफाई की और भोग लगाया। फिरमंदिर के अंदर पूजा अर्चना की गई। सेना की बैंड की धुनों के साथ पूरा केदारनाथ भोले बाबा के जयकारों से गुंजायमान हो गया। इस दौरान केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग और मुख्यमंत्री पष्कर सिंह धामी सहित बीकेटीसी के सदस्य भी मौजूद रहे। मंदिर को दस क्विंटल फूलों से सजाया गया है।

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