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धामी की 54 हजार से अधिक वोटों से ऐतिहासिक जीत

चंपावत। धामी की चंपावत उपचुनाव में 57 हजार से अधिक वोटों से ऐतिहासिक जीत हुई है। शुक्रवार को जारी परणामों में सीएम धामी को 57 हजार से ज्यादा वोट हासिल हुए। निर्मला गहतोड़ी 3147, सपा 409 और निर्दलीय हिमांशु गड़कोटी मात्र 399 वोट हासिल कर सके। उपचुनाव में कुल 61,595 लोगों ने मतदान किया, जिसमें से पुष्कर सिंह धामी को 57,268 वोट हासिल हुए।

भाजपा प्रत्याशी और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आखिरकार चंपावत की जनता ने जीत का ताज पहना ही दिया। मतगणना शुक्रवार सबह आठ बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच गौरलचौड़ मैदान स्थित वन पंचायत भवन सभागार में शुरू हुई। सुबह दस बजे के बाद स्थिति बिल्कल स्पष्ट हो गयी थी और जीत का ताज पुष्कर सिंह धामी के सिर सजना तय हो गया था।

कार्यकर्ताओं में जश्न
मुख्यमंत्री की जीत के साथ ही कार्यकर्ताओं में चारों तरफ जीत के जश्न का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने जमकर गुलाल उड़ाया और ढोल नगाड़ों पर डांस किया।

धामी की जीत के चार कारण
चंपावत उपचुनाव में मुख्यमंत्री की जीत की संभावना पहले ही जताई जा रही थी। उनकी जीत का सबसे महत्वपूर्ण कारण उनका मुख्यमंत्री बने रहना था। पांचवीं विधानसभा चुनाव में हालांकि धामी खटीमा से पराजित हो गये थे, लेकिन उनके नेतृत्व में भाजपा ने जीत दर्ज की थी। उनकी जीत का दूसरा कारण युवा होना भी रहा।

इसके अलावा केंद्रीय नेतृत्व में धामी की मजबूत पकड़ भी जीत का आधार मानी जा रही है। उत्तराखंड चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेता उनकी जमकर तारीफ कर चुके हैं। मोदी ने तो एक रैली के दौरान सीएम धामी की पीठ भी थपथपाई थी। इसके अलावा खटीमा से पिछला चुनाव हारने की सहानुभूति भी उन्हें मिली। इस चुनाव को खटीमा में मिली हार की सहानुभूति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

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