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दोस्त का उधार चुकाने के लिए किडनी बेचने अस्पताल पहुंचा युवक

हरिद्वार। दोस्त का उधार चुकाने के लिए एक युवक मजबूरी में अपनी किडनी बेचने का फैसला कर जिला अस्पताल पहुंच गया। युवक की बात सुनकर अस्पताल कर्मचारियों के होश उड़ गये और उसे समझा-बुझाकर वापस भेज दिया गया।

दरअसल दोस्त से उधार लिए एक लाख रुपये नहीं लौटा पाने से मजबूर एक युवक सोमवार को अपनी किडनी बेचने के लिए सोमवार को 11 बजे एक युवक जिला अस्पताल हरिद्वार पहुंच गया और एक कर्मचारी को बताया कि वह अपनी किडनी बेचना चाहता है। कुछ देर तक कर्मचारियों की समझ में ही नहीं आया कि वो बोल क्या रहा है। बाद में कर्मचारियों ने उसे समझाया कि शरीर के अंगों की खरीद-फरोख्त कानूनन अपराध है। इसके बाद युवक को अस्पताल से वापस घर भेज दिया गया।

सोमवार तक पैसे लौटाने का किया था वादा
कर्मचारियों से बातचीत में उसने बताया कि वह नैनीताल जिले के देवीधुरा का रहने वाला है। हरिद्वार सिडकुल की एक कंपनी में कार्य करता है। एक वर्ष पहले उसने अपने एक पिथौरागढ़ के दोस्त से एक लाख रुपये उधार मांगे थे, जो अब तक नहीं लौटा पाया था। दोस्त से वादे के मुताबिक उसे एक साल में पैसे लौटाने थे, लेकिन वह मजबूरी में नहीं लौटा पा रहा था।

मजबूरी में बेच रहा था किडनी
युवक ने बताया कि फैक्ट्री में उसी 16 हजार रुपये सैलरी मिलती है, जिसमें किराया और अपने खर्चे भी पूरे नहीं हो पा रहे हैं। घर में पिता और मां रहती है। तीन भाई दिल्ली में रहते हैं। उसने सोमवार तक रुपये लौटाने का वादा किया था। रुपये का इंतजाम न होने के कारण वह अपनी किडनी बेचना चाहता है। https://sarthakpahal.com/

अस्पताल में सीएमएस स्टाफ कार्यालय में एक युवक आया था। वह किडनी बेचने की बात कह रहा था। उसकी बात सुनकर सब चौंक गये। उसे समझाकर कि शरीर के अंग बेजना कानूनन जुर्म है, वापस भेज दिया गया।
डा. चंदन कुमार मिश्रा, कार्यवाहक सीएमएस, जिला अस्पताल

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