
देहरादून, 2 जनवरी। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर हाल ही में उर्मिला सनावर ने जो वीडियो जारी किया था, वो वीडियो अब बीजेपी के गले की फांस बनता जा रहा है. यही कारण है कि अब एक बाद एक बीजेपी नेता पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं. इससे साफ पता चल रहा है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के फिर से सुर्खियों में आने के बाद बीजेपी के नेता भी बेचैन हैं.
उर्मिला सनावर का वीडियो सामने आने के बाद बीते कुछ दिनों में बीजेपी के तीन नेताओं ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में बीजेपी संगठन और सरकार दोनों पर दबाव पड़ता हुआ नजर आ रहा है.
उर्मिला सनावर ने दिया था पहला इस्तीफा
उर्मिला सनावर के वीडियो के बाद सबसे पहले आरती गौड़ ने इस्तीफा दिया था. उर्मिला सनावर ने अपने वीडियो में आरती गौड़ पर भी गंभीर आरोप लगाया था. इसके बाद पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ ने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था और साथ ही इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी. उन्होंने कहा कि इस मामले में उनका नाम बेवजह घसीटा जा रही है. इसीलिए इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए.
यमकेश्वर बीजेपी की वरिष्ठ नेता आरती गौड़ का भी इस्तीफा
आरती गौड़ के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री रहे भगत राम कोठारी ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने बीजेपी प्रदेश मुख्यालय को भेजे अपने इस्तीफे में कहा था कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय नहीं मिल रहा है. इसको लेकर जनता में भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. पार्टी इस मुद्दे पर गंभीरता से सोचे, क्योंकि यह मामला उत्तराखंड की जन भावनाओं से जुड़ा हुआ है. इसलिए पार्टी जल्द से जल्द कोई डिसीजन ले.
अब ऋषिकेश से आया एक और इस्तीफा

बीजेपी में इस्तीफों का सिलसिला यहीं नहीं रुका. इसके बाद ऋषिकेश से भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री अंकित बहुखंडी ने भी अपना इस्तीफा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को भेजा. अंकित बहुखंडी ने अपने इस्तीफे में कहा कि पार्टी अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोई फैसला नहीं ले रही है. इसीलिए मैं भारी मन से अपने पद से इस्तीफा देता हूं. अभी तक पार्टी का कोई भी नेता इस मामले में अपना बयान नहीं दे रहा है, जबकि इस मामले में न केवल उर्मिला सनावर बल्कि सुरेश राठौर के साथ-साथ यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट की भी जांच होनी चाहिए. अंकित बहुखंडी ने कहा है कि अभी तक वीआईपी को लेकर जो चर्चा हो रही है, उस पर भी कोई फैसला बीजेपी की तरफ से नहीं लिया गया है. उन्होंने राज्य सरकार से अपील की है कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए.
बीजेपी क्या कहती है
उत्तराखंड बीजेपी में कार्यकर्ताओं नेताओं के इस्तीफा के चलते अभी आगे क्या हालात बनेंगे, यह तो आने वाला वक्त बताएगा. लेकिन बीजेपी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता मनवीर सिंह चौहान का कहना है कि पार्टी इस पूरे मामले को लेकर शुरू से ही बेहद गंभीर रही है. कांग्रेस बेवजह इसमें राजनीति कर रही है, जो लोग इस मामले को लेकर इस्तीफा दे रहे हैं हम उनके संपर्क में हैं. हमारा एक पूरा परिवार है और परिवार का सदस्य अगर किसी बात से नाराज या असंतुष्ट है तो वह परिवार का सदस्य ही रहेगा.
कहां से हुई मामले की शुरुआत
दरअसल, खुद को बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी कहने वाली उर्मिला सनावर ने बीते दिनों एक वीडियो जारी किया था. वीडियो में उन्होंने अपनी और सुरेश राठौर की ऑडियो चलाई थी, वो ऑडियो अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी हुई थी. उर्मिला सनावर ने वीडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए एक व्यक्ति का नाम लिया था. साथ ही बताया था कि ये वही वीआईपी व्यक्ति है, जिसको स्पेशल सर्विस देने के लिए अंकिता भंडारी पर दबाव बनाया जा रहा था. हालांकि जब अंकिता भंडारी ने मना कर दिया था तो रिसॉर्ट के मालिक पुलकिल आर्या की उससे बहस हुई और उसी कारण अंकिता भंडारी की हत्या की गई.



