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देहरादून की संजय कालोनी में किरायेदार की हत्या, हाथ-पैर बांधकर बोरे में मिली लाश

देहरादून। देहरादून में गुरुवार दोपहर मोहिनी रोड स्थित संजय कालोनी एक घर में हत्या की सूचना से लोगों में हड़कंप मच गया। हत्यारे ने हाथ-पैर बांधकर शव को रजाई में लपेटा और बोरे में बंद कर दिया। प्रथमदृष्ट्या हत्या का कारण लेनदेन बताया जा रहा है। कमरे का दरवाजा 24 दिसम्बर से बंद था।

घटना डालनवाला थाना क्षेत्र के संजय कालोनी की है। रात से ही घर में दुर्गंध आ रही थी, तो मकान मालिक ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने युवक के ताऊ के बेटे सलमान की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर दरवाजे का ताला तोड़कर लाश को बाहर निकाला। शव की शिनाख्त जाफतागंज नजीबाबाद (बिजनौर) निवासी मोहम्मद अशरफ के रूप में हुई है। अशरफ ने भगत सिंह कालोनी में दून चिटफंड और डेली कलेक्शन का आफिस खोला था। कंपनी के युवकों का इस घर में आना-जाना लगा रहता था। चर्चा इस बात की है कि अशरफ कंपनी के सात लाख रुपये लेकर फरार हो गया था।

आपसी लेनदेन में की गयी हत्या


अरमान और अशरफ दोनों भगत सिंह कालोनी में चिटफंड का काम करते थे। पुलिस को अरमान पर शक हो रहा है। एसपी सरिता डोभाल ने बताया कि हत्या का कारण लेन-देन हो सकता है। आरोपी अरमान की तलाश में एसओजी और पुलिस की टीमें लगाई गयी हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अरमान भी 24 दिसम्बर के बाद से कमरे में नहीं आया था।

शव को ठिकाने लगाने का था प्रयास


मौके की स्थिति को देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्यारे युवक की हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाने के प्रयास में थे, क्योंकि जिस कमरे में लाश मिली वह 24 दिसम्बर से बंद था। हत्यारे ने अशरफ के हाथ पैर मुंह को बांधकर उसको रजाई में लपेटा और बोरे में बांधा हुआ था। जिस जगह बोरा पड़ा था, वहां दीवार पर चार जगह खून लगा था। हालांकि पुलिस को वहां से कोई ऐसी वस्तु बरामद नहीं हुई है। फारेंसिक टीम ने फिंगर प्रिंट्स और अन्य सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया है। https://sarthakpahal.com/

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