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फेल होने पर छात्र ने महिला प्रिंसिपल को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाया

इंदौर। मार्कशीट नहीं मिलने से नाराज छात्र ने महिला प्रिंसिपल पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। प्रिंसिपल 80-90 फीसदी झुलस गई है। पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले भी कॉलेज प्रोफेसर पर हमला कर चुका है। वह मार्कशीट के लिए प्रिंसिपल को पहले भी धमका चुका था। शिकायत पर उसे पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका था।

इंदौर में एक कॉलेज के छात्र ने फार्मा विभाग की प्रिंसिपल विमुक्ता शर्मा को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया। प्रिंसिपल 80-90 प्रतिशत जल गईं है। गंभीर हालत में उन्हें शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी छात्र आत्महत्या करने की कोशिश में था, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक मार्कशीट नहीं मिलने से नाराज छात्र ने घटना को अंजाम दिया है। इस घटना में वह खुद भी झुलस गया।

जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम 5 बजे सिमरोल थाना क्षेत्र में स्थित प्राइवेट कॉलेज के फार्मा विभाग की प्रिंसिपल 54 वर्षीय विमुक्ता शर्मा छुट्टी के बाद घर जाने के लिए पार्किंग में खड़ी अपनी कार के पास पहुंची थीं। इसी दौरान विमुक्ता वहां लगे पेड़ से बेलपत्र तोड़ने लगीं तभी उज्जैन के नागदा का रहने वाला 24 साल का आशुतोष श्रीवास्तव जो कि कॉलेज का छात्र था उनके सामने आ धमका। विमुक्ता कुछ समझ पातीं, उसके पहले ही आशुतोष ने अपने हाथ में लिए डिब्बे में भरा पेट्रोल प्रिंसिपल पर ऊपर छिड़क दिया और उनको आग लगा दी।

आत्महत्या करने गया था आरोपी, बचाया गया
प्रिंसिपल को आग के हवाले करने के दौरान आरोपी आशुतोष का भी हाथ और सीना जल गया था। घटना को अंजाम देने के बाद वह तिंछा फॉल चला गया और वहां जाकर आत्महत्या करने की फिराक में था। फॉल पर तैनात सुरक्षाकर्मी ने डायल 100 पर फोन करके जानकारी दी थी कि एक युवक आत्महत्या करने की फिराक में था। फॉल पर तैनात सुरक्षाकर्मी ने डायल 100 पर फोन करके जानकारी दी थी कि एक युवक आत्महत्या की फिराक में फॉल पर घूम रहा है जानकारी मिलने के बाद मौके पर सिविल ड्रेस में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने आशुतोष को बातों में फंसाकर हिरासत में ले लिया।

मार्कशीट नहीं मिल रही थी, इसलिए उठाया कदम
हिरासत में आए आशुतोष को सिरमोर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया और प्रिंसिपल को पेट्रोल डालकर जलाने का कारण पूछा तो आरोपी ने कहा, ‘उसने कॉलेज से पढ़ाई की थी। वह सातवें सेमेस्टर में फेल हो गया था। इसके बाद 7वें और 8वें सेमेस्टर की परीक्षा साथ में दी थी। परीक्षा का रिजल्ट जुलाई 2022 में ही आ गया था, लेकिन बार-बार कॉलेज आने के बाद भी मार्कशीट नहीं दी जा रही थी, इसी बात से गुस्सा होकर उसने घटना को अंजाम दिया।’

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