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इनरवियर हाथ में लो, जाओ, 17 साल की छात्रा की आपबीती, शर्मसार करती हकीकत

नई दिल्ली। इनरवियर हाथ में लो, फिर जाओ परीक्षा देने। देश में रविवार को मेडिकल के लिए नीट परीक्षा का आयोजन किया गया था। परीक्षा पर कई सवालिये निशान खड़े हो रहे हैं। केरल के कोल्लम में कई छात्राओं ने उनके साथ अभद्रता किए जाने की शिकायत की है। ऐसी ही एक छात्रा मीडिया के सामने आई और अपनी आपबीती सुनाते-सुनाते रोने लगी। आप भी सुनिये..

छात्रा ने सुनाई आपबीती
17 वर्षीय छात्रा बोली कि सुरक्षाकर्मियों ने सभी छात्राओं को उनके इनरवियर बाहर निकालने के निर्देश दिए। सुरक्षाकर्मी बोले ऐसा करने के बाद ही उन्हें परीक्षामें जाने दिया जायेगा। उन्होंने हमें दो लाइन में खड़े होने को कहा। एक लाइन में वे लड़कियां थीं, जिन्होंने हुक वाली ब्रा पहनी हुई थी, वहीं दूसरी लाइन में वे छात्राएं थीं, जिन्होंने बिना हुक वाली ब्रा पहनी हुई थी। छात्रा बोली इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने हमसे ब्रा उतारकर टेबल पर रखने को कहा।

हम सभी के लिए बुरा अनुभव
कई लड़कियां तो शर्म से रोने भी लगीं थीं। महिला सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि अपनी-अपनी ब्रा हाथ में लेकर चले जाओ, इन्हें पहनने की जरूरत नहीं। छात्रा बोलीं यह सुनकर हम बहुत शर्मिंदा हुए। यह स्थिति असहज करने वाली थी। इसके बाद छात्राओं ने अपने बालों को आगे करके परीक्षा दी। परीक्षा को लेकर 17 साल की लड़की के पिता ने पुलिस में शिकायत की है। उन्होंने कहा कि नब्बे फीसदी छात्राओं को परीक्षा में बैठने से पहले अपने इनरवियर उतारने पड़े। जब छात्राओं ने ऐसा करने से मना किया तो सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि आपका भविष्य इनरवियर से बड़ा है क्या?

केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र
केरल के उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखा है, जिसमे उन्होंने इस घटना पर आश्चर्य जाहिर किया है। उन्होंने छात्राओं को नग्न करके शोषित करने की घटना को शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि मैं चाहती हूं कि जो संस्था यहां परीक्षा करा रही थी उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। वहीं केरल के मानवाधिकार आयोग ने भी इस पूरे मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं और कोल्लम ग्रामीण के एसपी को 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा है।

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