उत्तराखंडबड़ी खबरराजनीति

सरकार ने गुपचुप तरीके से निपटाए अपने ‘असली’ काम

देहरादून। शनिवार को किसी भी वक्त आचार संहिता लागू होने का आदेश आ सकता है, इसका अंदाजा दो दिन पहले से ही लगाया जा रहा था। उत्तराखंड में सरकारी स्तर पर भी इसकी पूरी तैयारी हो चुकी थी। इसी कारण आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले सरकार ने एक दर्जन से अधिक जीओ तत्तपरता से जारी किये और कर्मचारी संगठनों की कई मांगों को हरी झंडी भी दिखाई।

शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाल संरक्षण आयोग में अध्यक्ष और छह सदस्यों की नियुक्ति कर डाली। मशहूर चिकित्सक गीता खन्ना को आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया। वही गीता खन्ना जो वरिष्ठ भाजपा नेता विश्वास डाबर की बहन हैं। आयोग में जिन छह सदस्यों को नामित किया गया है उनमें से अधिकांश के भाजपा से गहरे संबंध हैं। इसी तरह आचार संहिता से ठीक पहले सरकार ने उत्तराखंड के पहले बैच के पुलिसकर्मियों को दो-दो लाख की एकमुश्त धनराशि देने का जीओ भी जारी कर दिया। 2001 बैच में नियुक्त हुए पुलिसकर्मी 4600 के ग्रेड पे को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत हैं। कभी समय सीमा बढ़ाकर तो कभी ग्रेड पे को उठाकर उनकी मांगों को नजरंदाज किया जाता रहा।

Related Articles

Back to top button