उत्तराखंडबड़ी खबरमनोरंजनयूथ कार्नरशिक्षासामाजिक

उत्तराखंड निवासरत परिवारों का विस्तृत डेटा बेस तैयार होगा तैयार, यूनिक आईडी बनेगी

देहरादून, 12 नवम्बर। उत्तराखंड में निवासरत परिवार पहचान के लिए देवभूमि परिवार योजना लागू की जाएगी. सीएम धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान मंत्रिमण्डल ने उत्तराखण्ड में निवासरत परिवार पहचान के लिए देवभूमि परिवार योजना लागू किये जाने पर सहमति जता दी है. देवभूमि परिवार योजना के तहत उत्तराखण्ड राज्य में निवासरत परिवारों की पहचान, परिवार आईडी (Family ID) बनाने के साथ-साथ राज्य में लागू महत्वपूर्ण एवं जनोपयोगी तमाम योजनाओं को लाभार्थी परिवार की आईडी से एकीकृत किया जाएगा. जिससे उन योजनाओं का लाभार्थियों को सीधा व समुचित लाभ दिया जा सके.

दरअसल, उत्तराखंड सरकार ने साल 2022 में हरियाणा की तर्ज पर प्रदेश में परिवार पहचान पत्र बनाने का निर्णय लिया था. जिससे जन कल्याणकारी योजनाओं को आसानी से जनता तक पहुंचाया जा सकें. साथ ही योजनाओं में फर्जीवाड़ा या कुछ ही परिवारों को बार-बार लाभ मिलने की शिकायतों पर ठोस कार्रवाई की जा सकेगी. परिवार पहचान पत्र योजना की जल्द से जल्द लागू करने को लेकर साल 2024 में नियोजन विभाग ने अलग प्रकोष्ठ का गठन किया. साथ ही एक निजी कंपनी के साथ अनुबंध किया. इसके अलावा, एनआइसी के जरिए इस संबंध में पोर्टल बनाया गया है.

राज्य के निवासियों का डेटा बेस तैयार कर एक यूनिक आईडी बनेगी
उत्तराखंड में प्रस्तावित देवभूमि परिवार योजना के तहत राज्य में निवासरत परिवारों का विस्तृत डेटा बेस तैयार कर, उन्हें यूनिक परिवार पहचान संख्या दी जाएगी. इसके बाद चिन्हित परिवारों के लिए लाभार्थी योजना को परिवार की आईडी से अटैच किया जाएगा. जिससे लाभार्थी परिवारों को राजकीय योजनाओं का सही लाभ मिल सकेगा. इसके अलावा, लाभार्थी परिवारों को सभी योजनाएं एक क्लिक में दिखाई देंगी. साथ ही यह भी दिखाई देगा कि लाभार्थी योजनाओं में से कितनी योजनाओं का लाभ उठा चुके हैं. कितनी योजनाओं का लाभ अभी और उठा सकते हैं, ये जानकारी भी इससे मिलेगी.

प्रदेश के सभी परिवारों को किया जायेगा रजिस्टर
गृह सचिव शैलेश बगौली ने कहा देवभूमि परिवार योजना के तहत उत्तराखंड में रह रहे सभी परिवारों की एक यूनिक आईडी बनाई जाएगी. ऐसे में सरकार की ओर से जिन परिवारों को लाभ दिया जा रहा है उनको इस आईडी के जरिए मैप किया जाएगा. जिससे डुप्लीकेसी पर लगाम लगाई जाएगी. साथ ही सरकार की योजनाओं को आसानी से जरुरतमंदों तक पहुंचाया जा सकेगा. उन्होंने बताया राज्य सरकार की नीति है कि 100 फीसदी लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिले. उसमें ये योजना काफी कारगर साबित होगी. गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया इसके तहत प्रदेश में रह रहे सभी परिवारों को रजिस्टर किया जाएगा. इसके जरिये पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर उन तक योजनाओं को पहुंचाने का भी काम किया जाएगा.

Related Articles

Back to top button