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52 दिन से अनशन कर रहे लोगों का टूटा सब्र का बांध, सीएम आवास कूच, गिरफ्तार

देहरादून। वनंतरा रिजार्ट मामले में सीबीआई जांच की मांग और वीआईपी के नाम का खुलासा को लेकर ऋषिकेश में 52 दिन से आंदोलन चल रहा है। शनिवार को युवा न्याय संघर्ष समिति के सदस्य चुपचाप मुख्यमंत्री आवास पहुंच गये। जैसे ही पुलिस को इसकी भनक लगी तो उन्होंने आंदोलनकारियों को खदेड़ा, जिस पर पुलिस से झड़प हो गयी। पुलिस ने राजभवन के बाहर ही प्रदर्शनकारियों को रोक दिया है।

कांग्रेसी नेता जयेंद्र रमोला गिरफ्तार
अनशन कर रहे कांग्रेसी नेता जयेंद्र रमोला को पुलिस ने गिरफ्तार किया। वे राजभवन के बाहर अनशन कर रहे थे। अंकिता भंडारी हत्याकांड के छुपे वीआईपी के नाम का खुलासा, सीबीआई जांच और विधानसभा बैकडोर भर्ती घोटाले के दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलनकारी पिछले 52 दिन से ऋषिकेश में धरनारत हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार बहरी ही नहीं, बल्कि गूंगी भी हो गयी है। https://sarthakpahal.com/

पुलिस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने ले गयी। इस दौरान एसपी सिटी सरिता डोभाल और सीओ मसूरी भी मौजूद रहे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा सहित दर्जनों आंदोलनकारियों को पुलिस लाइन ले जाया गया। अनशनकारियों मे मुख्यरूप से जयेंद्र रमोला, संजय सिलस्वाल, जितेंद्र पाल पाठी के अलावा कई लोग शामिल हैं। पूर्व नेता प्रीतम सिंह, उपनेता प्रतिपक्ष भुवनचंद्र कापड़ी सहित कई संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया है। अंकिता के माता-पिता भी यहां पर धरने पर बैठ चुके हैं।

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