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अंकिता को न्याय दिलाने चेलूसैण में विकास नेगी और विनोद डबराल के नेतृत्व में निकला विशाल जनसैलाब

केएस रावत। चेलूसैण (वि.ख. द्वारीखाल) में कांग्रेसियों ने जिलाध्यक्ष विकास नेगी एवं पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद डबराल के संयुक्त तत्वावधान में अंकिता भंडारी जघन्य हत्याकांड में संलिप्त VIP के की गिरफ्तारी एवं प्रकरण की CBI से जांच कराए जाने के साथ प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति की महिलाओं के प्रति हीनभावना ग्रसित बयान कि बिहार से 20-25 हजार में महिलायें मिल जाती हैं पर कार्यवाही करने की मांग को लेकर भाजपा नेताओं और भाजपा सरकार का पुतला दहन किया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अब कांग्रेस पार्टी अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच होने तक उत्तराखंड में व्यापक स्तर पर आंदोलनात्मक कार्यक्रम चलाएगी, साथ ही जनता से भी निवेदन करती हैं कि प्रदेश की भ्रष्ट भाजपा सरकार को आगामी चुनावों में सत्ता से उखाड़ फेंकें। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी की ओर से कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बावजूद सरकार इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस मामले में नए आरोप सामने आने के बाद संलिप्त लोगों को कठोरतम सजा दी जानी चाहिए।

पुतला दहन में बशिष्ठ कांग्रेसी नेता सुखदेव सिंह राणा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास नेगी, पूर्व जिलाध्यक्ष बिनोद डबराल, दुगड़डा पूर्व ब्लाक प्रमुख रुचि केंतुरा, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष संजय तोमर, पूर्व सैनिक कै. रविन्द्र सिंह रावत , प्रकाश तोमर, जगदीश रावत, प्रमोद चौहान , महाबीर सिंह, हुकुम उनियाल (पूर्व ब्लाक अध्यक्ष), गुणपाल, मेहरबान सिंह कंडारी आदि सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मिलित थे।

उधर, देहरादून में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच और सोशल मीडिया पर नाम सार्वजनिक हुए वीआईपी नेताओं पर कार्रवाई की मांग के लिए रविवार को जनसैलाब दून की सड़कों पर उतर आया। विभिन्न सामाजिक संगठन और विपक्षी राजनीतिक दलों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। हालांकि पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को हाथीबड़कला पर बैरिकेडिंग लगा रोक दिया। इस बीच पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प भी हुई। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही बैठ सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में भारी संख्या में महिलाओं और पुरुषों के साथ युवाओं ने भी भाग लिया। सभी ने एक सुर में अंकिता को न्याय देने की मांग की और सीबीआई जांच नहीं कराए जाने पर नाराजगी जताई।

11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का एलान
प्रदर्शन के दौरान उत्तराखंड मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के मोहित डिमरी ने एलान करते हुए कहा, 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद रहेगा। इसके लिए सभी व्यापार संगठन, सामाजिक संगठनों से वार्ता की जाएगी। वहीं उन्होंने सरकार को सप्ताहभर का समय देते हुए कहा, वीआईपी को जांच के दायरे में लाया जाए और सभी वीआईपी के नाम सार्वजनिक करें, जिन पर भी आरोप लगे हैं। वहीं, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने कहा, सरकार को जल्द सीबीआई जांच की संस्तुति करनी चाहिए।

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