
ऋषिकेश, 10 सितंबर, 26. मौत को मात देने और चमत्कार की कई कहानियां आपने भी सुनी होंगी, लेकिन ऋषिकेश में एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया, जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया। उत्तराखंड के ऋषिकेश से अजीबोगरी घटना सामने आई है, जहां एक मुर्दा अचानक से जिंदा हो गया. गुर्दे फेल होने और दो बार हार्ट अटैक आने के बाद डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
गड्ढे में एंबुलेंस के पड़ते ही जिंदा हो गया शख्स
परिजनों के अनुसार डाक्टरों द्वारा हाथ खड़े कर दिये जाने के बाद उन्हें मृत मान लिया गया था। इस दौरान जब एम्बुलेंस शव को लेकर श्यामपुर रेलवे फाटक के पास से गुजर रही थी, तभी सड़क के एक गहरे गड्ढे में एम्बुलेंस का पहिया चला गया और ज़ोरदार झटका लगा. इस झटके के साथ ही मृत व्यक्ति ने अचानक अपनी आंखें खोल दीं और उनकी सांसें वापस चलने लगीं. दरअसल, गीता नगर गली नंबर 5 के निवासी साईं राम की मौत हो गई थी. परिजन उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां कर रहे थे और इसके लिए उन्होंने मुक्तिधाम सेवा समिति से अंतिम यात्रा वाहन भी बुक कराया था.
परिजनों के अनुसार डाक्टरों द्वारा हाथ खड़े कर दिये जाने के बाद उन्हें मृत मान लिया गया था। इस दौरान जब एम्बुलेंस शव को लेकर श्यामपुर रेलवे फाटक के पास से गुजर रही थी, तभी सड़क के एक गहरे गड्ढे में एम्बुलेंस का पहिया चला गया और ज़ोरदार झटका लगा. इस झटके के साथ ही मृत व्यक्ति ने अचानक अपनी आंखें खोल दीं और उनकी सांसें वापस चलने लगीं. दरअसल, गीता नगर गली नंबर 5 के निवासी साईं राम की मौत हो गई थी. परिजन उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां कर रहे थे और इसके लिए उन्होंने मुक्तिधाम सेवा समिति से अंतिम यात्रा वाहन भी बुक कराया था.
घरवालों ने बुक कर दी थी चिता
पहले डॉक्टरों ने उनके गुर्दे फेल होने और दो बार हार्ट अटैक आने की बात कहकर उन्हें मृत घोषित कर दिया था. मुक्तिधाम सेवा समिति के पंकज गुप्ता ने बताया कि दोपहर में उनके पास साईं राम जी के अंतिम संस्कार के वाहन की बुकिंग आई थी. उन्होंने वाहन और चालक तय कर दिया था. लेकिन दोपहर करीब 2:30 बजे परिजनों का फोन आया कि बुकिंग रद्द कर दीजिए. पूछने पर उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस के गड्ढे में कूदने पर लगे झटके से साईं राम जी की सांसें वापस लौट आई हैं.
पहले डॉक्टरों ने उनके गुर्दे फेल होने और दो बार हार्ट अटैक आने की बात कहकर उन्हें मृत घोषित कर दिया था. मुक्तिधाम सेवा समिति के पंकज गुप्ता ने बताया कि दोपहर में उनके पास साईं राम जी के अंतिम संस्कार के वाहन की बुकिंग आई थी. उन्होंने वाहन और चालक तय कर दिया था. लेकिन दोपहर करीब 2:30 बजे परिजनों का फोन आया कि बुकिंग रद्द कर दीजिए. पूछने पर उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस के गड्ढे में कूदने पर लगे झटके से साईं राम जी की सांसें वापस लौट आई हैं.
एम्स ले जाया गया, लेकिन नहीं बची जान
सांसें वापस आते ही परिजन उन्हें तुरंत ऋषषिकेश एम्स लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज शुरू किया। हालांकि गड्ढे के झटके से आई यह हलचल ज्यादा देर नहीं टिक सकी और कुछ ही घंटों बाद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। डाक्टरों के अनुसार कई बार शरीर की नर्वस सिस्टम में अचानक लगे झटके reflex के कारण कुछ क्षण के लिए हलचल या सांसें वापस आ जाती है। अगले दिन गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन यह अनोखी घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
सांसें वापस आते ही परिजन उन्हें तुरंत ऋषषिकेश एम्स लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज शुरू किया। हालांकि गड्ढे के झटके से आई यह हलचल ज्यादा देर नहीं टिक सकी और कुछ ही घंटों बाद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। डाक्टरों के अनुसार कई बार शरीर की नर्वस सिस्टम में अचानक लगे झटके reflex के कारण कुछ क्षण के लिए हलचल या सांसें वापस आ जाती है। अगले दिन गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन यह अनोखी घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।



