उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन 21 मार्च से, 4500 शिक्षक जांचेंगे पुस्तिकाएं

रामनगर, 19 मार्च। उत्तराखंड में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं. परीक्षाएं संपन्न होने के बाद अब उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारियों में जुट गया है. इस बार एक खास बदलाव किया गया है, जिससे न केवल रिजल्ट बनाने में आसानी होगी. बल्कि, समय की भी बचत होगी.
11 मार्च को समाप्त हुई थी बोर्ड परीक्षा
बता दें कि उत्तराखंड में 21 फरवरी से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा शुरू हुई थी. जो 11 मार्च को संपन्न हुई. इस साल उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने परीक्षाओं को समयबद्ध तरीके से आयोजित किया. अब कॉपियों की जांच भी पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी.
4,500 शिक्षक जांचेंगे 11 लाख कापियां
प्रदेश भर में 29 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं. जहां 21 मार्च से 4,500 शिक्षक 11 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करेंगे. खास बात ये है कि इस बार मूल्यांकन केंद्र से ही अंकों को ऑनलाइन फीड किया जाएगा. इससे रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया तेज आएगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम रहेगी.
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2025 की अहम बिंदु
10वीं में 1,13,688 छात्रों ने परीक्षा दी. 12वीं में 1,09,699 छात्रों ने परीक्षा दी. कुल 2,23,387 छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए. उत्तर पुस्तिकाओं के जांच के लिए 29 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए. उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए 4500 शिक्षक नियुक्त किए गए. 11 लाख उत्तर पुस्तिकाएं की जांच की जाएगी. 21 मार्च से 4 अप्रैल तक मूल्यांकन का काम चलेगा.
इस बार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जा रहा है. ताकि, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में पारदर्शिता बना रहे. अंकों को सीधे ऑनलाइन फीड किया जाएगा. ताकि, रिजल्ट समय पर और सटीक तरीके से घोषित हो सके. बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता को लेकर अभिभावकों में भी संतोष देखा जा रहा है.
विनोद प्रसाद सिमल्टी, सचिव, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद