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कैलाश मानसरोवर यात्रियों का दूसरा जत्था हर हर महादेव के जयकारे के साथ पहुंचा टनकपुर

चंपावत, 8 जुलाई। उत्तराखंड में पांच साल बाद शुरू हुई कैलाश मानसरोवर यात्रा का दूसरा जत्था टनकपुर पहुंच गया है. इस जत्थे में देशभर के 48 यात्री शामिल हैं. जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी भी शामिल रहीं. वहीं, टनकपुर पहुंचने पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया. जहां सभी यात्री कुमाऊनी संस्कृति से रूबरू हुए.

पहले जत्थे में शामिल रहे 45 यात्री
बता दें कि पहली बार हल्द्वानी के काठगोदाम की जगह टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू हुई है. इससे पहले पहला जत्था बीती 4 जुलाई को टनकपुर पहुंचा था. जिन्हें अगले दिन यानी 5 जुलाई को सीएम पुष्कर धामी ने अगले पड़ाव के लिए रवाना किया था. इस दल में 45 कैलाश मानसरोवर यात्री शामिल रहे.

पहले जत्थे में शामिल रहे 48 यात्री शामिल


वहीं, कैलाश मानसरोवर यात्रियों के दूसरे जत्थे में देश के विभिन्न राज्यों से 48 यात्रियों शामिल हुए हैं. जिसमें 34 पुरुष और 14 महिला यात्री ऐतिहासिक कैलाश मानसरोवर यात्रा के साक्षी बनेंगे. इनमें पश्चिम बंगाल, राजस्थान, कर्नाटक, झारखंड, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, पंजाब, असम, गुजरात समेत अन्य राज्यों के यात्री शामिल हैं.

पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी भी पहुंचीं
कैलाश मानसरोवर यात्रियों के दूसरे जत्थे के साथ पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी भी टनकरपुर पहुंचीं. वहीं, कुमाऊं मंडल विकास निगम के अधिकारियों की ओर से यात्रियों के ठहराव, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण और यात्रा मार्गदर्शन के समुचित व्यवस्था की गई है.

चंपावत-लोहाघाट से होकर जाएंगे यात्री
कैलाश मानसरोवर यात्रा का दूसरा दल टनकपुर में रात्रि विश्राम के बाद 9 जुलाई की सुबह अपनी अगली यात्रा चंपावत-लोहाघाट से होते हुए गुंजी पहुंचेगा. जिसके बाद नाभिढांग, लिपुलेख दर्रे से होते हुए कैलाश मानसरोवर पहुंचेगा. इस दौरान राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य सहायता, ठहराव, वाहन सुविधा जैसी अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है.

कैलाश मानसरोवर यात्रियों का दूसरा जत्था 8 जुलाई की शाम को टनकपुर टीआरसी पहुंचा. जहां कुमाऊं मंडल विकास निगम अधिकारियों और मां पूर्णागिरि पर्यावरण संरक्षण समिति ने उनका फूल माला पहनाकर भव्य स्वागत किया. जिसके बाद यात्रियों ने पर्यावरण संरक्षण समिति के साथ टीआरसी परिसर में एक पौधा मां के नाम अभियान के तहत लगाया.

उन्होंने देवभूमि को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ राज्य बनाने के लिए हर वर्ग को आगे आने का संदेश भी दिया. इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया. जिसमें कैलाश मानसरोवर यात्रियों के समक्ष बच्चों ने कुमाऊंनी लोक गीतों और देश भक्ति गीतों पर सुंदर प्रस्तुति दी. वहीं, पारंपरिक लोक गीतों पर सभी यात्री जमकर झूमे.

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