उत्तराखंडदेश-विदेशबड़ी खबरयूथ कार्नरशिक्षासामाजिकस्वास्थ्य

देव संस्कृति विवि के छात्र अभिषेक ने 31 मिनट में 331 सूर्य नमस्कार कर ‘लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड’में नाम दर्ज किया

हरिद्वार, 18 फरवरी। देव संस्कृति (देव संस्कृति विश्वविद्यालय/योग) के छात्र अभिषेक (ग्राम घाट) ने मात्र 31 मिनट में 331 सूर्य नमस्कार करके ‘लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में अपना नाम दर्ज कराया है। जनवरी 2026 में की गई इस असाधारण उपलब्धि से उन्होंने प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र ने ऑनलाइन स्पर्धा में प्रतिभाग कर एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया जो वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया। विश्वविद्यालय के एमएससी (मानव चेतना एवं योग विज्ञान) विभाग के प्रथम वर्ष के छात्र अभिषेक कुमार ने 31 मिनट में 331 सूर्य नमस्कार कर यह उपलब्धि हासिल की। उनकी इस सफलता पर विश्वविद्यालय परिसर में खुशी की लहर दिखी। शिक्षक, छात्र-छात्राओं ने अभिषेक को प्रोत्साहित किया और बधाई दी।

‘लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड’ की ओर से जनवरी में हुई थी स्पर्धा
विवि के योग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 22 जनवरी 2026 को ‘लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड’ की ओर से एक ऑनलाइन स्पर्धा का आयोजन किया गया था। इसमें छात्र अभिषेक कुमार ने प्रतिभाग कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह उपलब्धि उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और नियमित अभ्यास का परिणाम है। इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी संख्या में सूर्य नमस्कार करना असामान्य है।

विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक योग प्रशिक्षण पद्धति से जुड़े शिक्षकों ने इस सफलता पर छात्र अभिषेक की मेहनत को सराहा। अभिषेक कुमार ने पूर्व में भी योग क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाया है। वह वर्ष 2024 में द्विपाद विपरीत दंडासन जैसी जटिल मुद्रा में 11 मिनट 05 सेकंड तक स्थिर रहकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने योग के शारीरिक अभ्यास के साथ ही आत्मबल और साधना की प्रक्रिया का निरंतर अभ्यास किया।

विवि के प्रतिकलपति डा. चिन्मय पंड्या ने अभिषेक को आशीर्वाद दिया
इस उपलब्धि का प्रमाण पत्र मिलने के बाद अभिषेक कुमार ने विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या से भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रतिकुलपति ने इसे विश्वविद्यालय की समृद्ध योग परंपरा के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि यह सफलता युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के पारिवारिक वातावरण और सकारात्मक सोच को दिया। योग विभाग सहित समस्त विवि परिवार ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।

Related Articles

Back to top button