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बिथ्याणी में विलुप्त हो चुके शिवमंदिर का होगा जीर्णोद्धार, बैठक में लिया गया निर्णय

केएस रावत। 26 अक्टूबर को ग्राम सभा बिथ्याणी में प्रधान पूनम देवी की अध्यक्षता में एक मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य बिथ्याणी में विलुप्त हो चुके शिवमंदिर का जीर्णोद्धार करना था। दरअसल बिथ्याणी में प्राचीन काल में पानी के स्रोत के पास शिव मंदिर का होना बताया गया है, जिसे समय के साथ आने वाली पीढ़ी भूल चुकी थी।

ग्राम प्रधान पूनम देवी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक बिथ्याणी में पानी के स्रोत के पास हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य पानी के स्रोत के पास प्राचीन शिव मंदिर के विलुप्त हो चुके मंदिर को पुन: निर्माण करवाने के संबंध में आपसी सलाह मशविरा करना था। आह्वान पर सभी ग्रामवासियों ने इस बैठक में उपस्थित होकर अपने अमूल्य विचारों से कमेटी को अवगत कराया। बैठक के अंत में सभी लोग इस बात पर सहमत थे कि विलुप्त हो चुके शिव मंदिर का जीर्णोद्धार होना चाहिए और इसके लिए जो भी सहयोग बनेगा हम सभी इसके लिए तैयार हैं।

बैठक के अंत में मंदिर निर्माण कराने के लिए एक कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसका उद्देश्य मंदिर निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करना तथा मंदिर निर्माण कार्य की देखरेख करना होगा। इस नवगठित कमेटी की अध्यक्षता बिथ्याणी के पूर्ण प्रधान मोहन सिंह नेगी को सौंपी गयी, जबकि मोहनलाल को कमेटी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। प्रथोबन सिंह नेगी मलेथा कमेटी में सचिव की भूमिका निभायेंगे जबकि ममता देवी बिथ्याणी को उप सचिव बनाया गया है। इसके अलावा हरेन्द्र सिंह नेगी राजसेरा को इस नवगठित कमेटी में कोषाध्यक्ष की भूमिका सौंपी गयी है।

बैठक के अंत में प्रधान पूनम देवी ने उपस्थित सभी ग्रामवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपना जो अमूल्य समय निकालकर बैठक में भाग लिया है उसके लिए मैं आपका आभार व्यक्त करती हूं।

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