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बदले स्वरूप में नजर आएगी ‘अग्निवीर’ योजना, अब 50% से ज्यादा जवान होंगे स्थाई, ट्रेनिंग का समय भी बढ़ा

नई दिल्ली, 4 जून। अग्निवीर योजना (अग्निपथ) के तहत कई प्रमुख संशोधनों पर विचार और बदलाव किए गए हैं । केंद्र सरकार सुरक्षा बलों में पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) और असम राइफल्स में आरक्षित कोटे को बढ़ाकर 50% तक कर चुकी है । वहीं, सेना में स्थायी रूप से रखे जाने वाले सैनिकों की संख्या मौजूदा 25% से बढ़ाकर 50% से 75% करने और सेवा अवधि 4 साल से बढ़ाकर 6 या 8 साल करने के प्रस्तावों पर गहन विचार चल रहा है।

अर्धसैनिक बलों (CAPF) में आरक्षण
पूर्व अग्निवीरों को कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर भर्ती के लिए 50% तक का क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है।

ट्रेनिंग की अवधिि में बढ़ोतरी
पहले अग्निवीरों की ट्रेनिंग अवधि काफी कम लगभग 6 महीने रखी गयी थी, जिसे अब बढ़ाकर 35 हफ्ते से 42 हफ्ते किया जा रहा है, ताकि वे पूरी तरह परिपक्व हो सकें।

शहीद का दर्जा औ मुआवजा
सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले अग्निवीरों को अब शहीद का आधिकारिक दर्जा और उनके परिवारों को मिलने वाली अनुग्रह राशि व बीमा दावों की प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी व मजबूत बनाया गया है। साथ ही ड्यूटी के दौरान दिव्यांग होने पर मिलने वाली सहायता राशि में भी बढ़ोत्तरी की गयी है।

स्थायी नियुक्ति (Retention) में वृद्धि
सेना स्थायी सैनिकों की सीमा को 25% से बढ़ाकर 50-75% तक करने पर विचार कर रही है ताकि अनुभवी जवानों को लंबी अवधि तक सेना में बनाए रखा जा सके।

कार्यकाल (Tenure) में बदलाव
तकनीकी कार्यो और लंबी ट्रेनिंग की आवश्यकता को देखते हुए अग्निवीरों की 4 साल की सेवा अवधि को 6 से 8 साल तक बढ़ाने के प्रस्तावों पर तीनों सेनाओं के बीच मंथन जारी है।

कड़े अनुशासन के नियम
अग्निवीर भर्ती के लिए अविवाहित होना अनिवार्य है और 4 साल की सेवा के दौरान शादी करने की अनुमति नहीं है।

आयु सीमा में छूट
कोविड महामारी के प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने योजना में शामिल होने के लिए ऊपरी आयु सीमा को 21 से बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया था। यदि आप किसी विशिष्ट बल (थल सेना, नौसेना, या वायुसेना) या भर्ती प्रक्रिया के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप बता सकते हैं ।

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