
देहरादून, 11 जून। राजधानी क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और वैकल्पिक संपर्क मार्ग विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू होने जा रही है। लच्छीवाला से रायपुर स्थित महाराणा प्रताप चौक तक लगभग 15 किलोमीटर लंबी फोरलेन एलिवेटेड रोड के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। प्रोजेक्ट को शासन स्तर पर हरी झंडी मिल गयी है।
परियोजना के प्रथम चरण में सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। लोनिवि का कहना है कि इस वर्ष के अंत तक सर्वे कार्य पूर्ण कर डीपीआर भी तैयार कर ली जाएगी। इस महत्वाकांक्षी कारिडोर की कुल लागत करीब एक हजार करोड़ रुपये आंकी गयी है।
प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव
लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने इस परियोजना का प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का निर्माण रिंग रोड की तर्ज पर सौंग नदी के किनारे किया जाएगा। यह मार्ग आबादी वाले क्षेत्रों से दूर ग्रीन बेल्ट में विकसित किया जाएगा, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव भी अपेक्षाकृत कम रहेगा।
1000 करोड़ रुपये आंकी गयी है अनुमानित लागत
करीब 1000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना देहरादून की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। वर्तमान में हरिद्वार रोड और शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। एलिवेटेड रोड बनने के बाद लंबी दूरी के वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। साथ ही यह मार्ग सहस्रधारा, गूलर घाटी और देहरादून शहर के लिए प्रभावी बाईपास का कार्य करेगा।
ऋषिकेश-हरिद्वार से देेहरादून का सफर होगा आसान
लंबी दूरी के वाहनों को देहरादून शहर के भीतर प्रवेश करने की जरूरत नहीीं होगी। यह मार्ग सहस्त्रधारा, गूलर घाटी और मुख्य देहरादून शहर के लिए एक बेहद प्रभावी बाईपास का काम करेगा। इसके बन जाने से ऋषिकेेश-हरिद्वार की तरफ से आने वाले लोग सीधे और कम समय में रायपुर व सहस्त्रधारा की तरफ आ जा सकेेंगे, जिससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी।
परियोजना के प्रथम चरण के तहत सर्वे व डीपीआर निर्माण के लिए एक करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है। इस साल के अंत तक सर्वे कार्य पूर्ण कर डीपीआर तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।
बीएन द्विवेदी, अधिशासी अभियंता, अस्थाई खंड लोनिवि ऋषिकेश



