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पौड़ी के पांच विकासखंडों में जनकल्याणकारी शिविरों एवं योजनाओं की प्रदर्शनी का आयोजन

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कोटद्वार, 18 जून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड पौड़ी, कोट, खिर्सू, पाबौ एवं कल्जीखाल में जनकल्याणकारी शिविरों एवं योजनाओं की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।

19, 20 जून को भी अन्य विकास खंडों में आयोजित होंगे शिविर
शिविरों में उद्यान, कृषि, स्वास्थ्य, पशुपालन, राजस्व, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पंचायतीराज, ग्राम्य विकास, ग्रामोत्थान तथा एनआरएलएम सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी मौके पर शुरू की गई। प्रशासन ने बताया कि ऐसे शिविर 19 और 20 जून को भी जनपद के अन्य विकासखंडों में आयोजित किए जाएंगे।

जनकल्याणकारी शिविरों में 86 शिकायतों का मौके पर हुआ निस्तारण
इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, राजस्व, पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जनसमस्याओं से संबंधित प्रकरण अधिकारियों के समक्ष रखे। अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया, जबकि शेष मामलों को त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया। पांचों विकासखंडों में आयोजित शिविरों के दौरान कुल 98 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 86 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा तैयार की गई लघु फिल्मों का प्रदर्शन कर ग्रामीणों को सरकार की प्रमुख योजनाओं, उनके उद्देश्यों और लाभों के बारे में जागरूक किया गया।

आम जन की समस्याओं को प्राथमिकता से निपटायें : डीएम
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी शिविर केवल औपचारिकता न बनें, बल्कि इनके माध्यम से आमजन की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने, प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

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