
नई दिल्ली, 24 जून। क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपने शानदार और ऐतिहासिक करियर में एक और असाधारण उपलब्धि जोड़ ली है। उज्बेकिस्तान के खिलाफ मैच में गोल दागकर वह फुटबॉल के इतिहास में छह अलग-अलग फीफा वर्ल्ड कप सीजन में गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। पुर्तगाल के 41 साल के कप्तान ने विश्व फुटबॉल के इस सबसे बड़े मंच पर अपना दबदबा जारी रखते हुए एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है जो शायद आने वाले कई सालों तक अटूट रहे। छह विश्व कप खेलने के साथ ही रोनाल्डो के इस गोल ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि वह साल 2006 से लेकर 2026 तक के हर सिंगल टूर्नामेंट में गोल करने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं।
पुर्तगाल और रोनाल्डो के लिए सही समय पर आया ये रिकॉर्ड
यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड पुर्तगाल की टीम के लिए बेहद नाजुक और महत्वपूर्ण समय पर आया है। पुर्तगाल ने टूर्नामेंट के अपने शुरुआती मैच में कांगो के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला था, जिसके बाद टीम काफी दबाव में थी। पहले मैच में शांत प्रदर्शन के कारण खुद रोनाल्डो को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। लेकिन इस दिग्गज खिलाड़ी ने फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर एक बार फिर गोल दागकर आलोचकों को बेहतरीन अंदाज में करारा जवाब दिया है। कुछ लोग तो रोनाल्डो पर ये तक इल्जाम लगा रहे थे उन्हीं के कारण उनकी टीम पहला मैच नहीं जीत सकी।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने आलोचकों को दिया जवाब
17 जून को डीआर कोंगो के खिलाफ मुकाबले में पुर्तगाल को 1-1 की बराबरी से संतोष करना पड़ा था। इसके बाद क्रिस्टियानो रोनाल्डो के प्रदर्शन पर सवालिया निशान खड़े किए गए। अब उजबेकिस्तान के खिलाफ 2 गोल दागने के बाद रोनाल्डो ने कहा कि उनके लिए पिछला हफ्ता बेहद मुश्किल रहा। उन्होंने कहा, ‘यह एक मुश्किल और निराशाजनक हफ्ता था। ऐसा लग रहा था जैसे मैंने फुटबॉल से संन्यास ले लिया हो। लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी जैसा कि मैं हमेशा करता हूं। क्योंकि मुझे किसी भी चीज से ज्यादा मेहनत पर भरोसा है। मुझे पता था कि मेरे साथी खिलाड़ी भी मेरी मदद करेंगे। यह मुश्किल था, मुझे मानना होगा, लेकिन हम वापसी कर चुके हैं। मैं बहुत खुश हूं।’
दो दशकों से जारी है रोनाल्डो का जादू
साल 2006 में जर्मनी में अपना पहला वर्ल्ड कप खेलने के बाद से रोनाल्डो लगातार फुटबॉल के इतिहास को फिर से लिख रहे हैं। पिछले दो दशकों में उन्होंने छह अलग-अलग वर्ल्ड कप एडिशंस में पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व किया है और हर बार अपनी टीम के लिए गोल दागे हैं। उनके इस निरंतर प्रदर्शन ने पुर्तगाल को कई मौकों पर टूर्नामेंट के अंतिम दौर तक पहुंचाने में मदद की है।
लंबे करियर और निरंतरता की मिसाल
रोनाल्डो की यह नई उपलब्धि उनके लंबे करियर, निरंतरता और रिकॉर्ड्स के लिए उनकी कभी न खत्म होने वाली भूख का एक और नया अध्याय है। हालांकि पुर्तगाल के शुरुआती ड्रॉ और उनके धीमे प्रदर्शन के बाद उनकी उम्र और फॉर्म पर सवाल उठाए गए थे, लेकिन इस अनुभवी फॉरवर्ड ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह आज भी दुनिया के सबसे प्रभावशाली फुटबॉलरों में से एक क्यों हैं।



