
विकासनगर, 25 जून। कर्णप्रयाग और नगरासू में चल रहे विवाद को लेकर बड़ी संख्या में निहंग सिखों ने हिमाचल के पांवटा साहिब से कुल्हाल बॉर्डर से उत्तराखंड में घुसने का प्रयास किया, जिन्हें उत्तराखंड पुलिस ने हिमाचल की सीमा पर ही रोक लिया. फिलहाल, मौके पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाया है. निहंग सिख हेमकुंड साहिब जाने की मांग पर अड़े हैं. वहीं, उत्तराखंड पुलिस के अधिकारी निहंगों के साथ वार्ता की.
बैरियर तोड़ा, वाहनों में तोड़फोड़ और प्रदर्शन
पंजाब और चंडीगढ़ से आए निहंग सिखों का जत्था हिमाचल के पांवटा साहिब गुरुद्वारे से होते हुए उत्तराखंड की कुल्हान सीमा पर पहुंचा। करीब 15-20 निहंग सिखों का आक्रामक समूह बैरिकेडिंग तोड़कर उत्तराखंड की सीमा में दाखिल हो गया। ITBP के जवान इन्हें रोकने के लिए प्रेमनगर और धर्मावाला चौक पर मुस्तैद थे, लेकिन निहंग सिखों का समूह पुलिस और ITBP को चकमा देकर मेहूंवाला और ISBT के रास्ते देहरादून रेसकोर्स गुरुद्वारे के पास पहुंच गया, जिससे अचानक तनाव बढ़ गया। हालांकि SSP प्रमेंद्र डोभाल के अनुसार शहर में घुसे निहंगों को वापस पांवटा साहिब की ओर से मोड़ दिया है।
बैठक समाप्त हो चुकी है और फिलहाल किसी प्रकार का तनावपूर्ण माहौल नहीं है. निहंगों ने अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रखी थीं, जिन पर उत्तराखंड प्रशासन ने सकारात्मक आश्वासन दिया है. फिलहाल, स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में बताई जा रही है.
तरसेम सिंह, सदस्य, गुरुद्वारा पांवटा साहिब
16 जून को कर्णप्रयाग पार्किंग विवाद से जुड़ी है घटना
ये पूरा विवाद 16 जून की कर्णप्रयाग घटना से जुड़ा है. दरअसल, हेमकुंड साहिब की यात्रा कर लौट रहे कुछ निहंग श्रद्धालुओं का चमोली जिले के कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों के साथ विवाद हो गया था. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हो गई थी. आरोप है कि तभी कुछ निहंग श्रद्धालुओं ने तलवारों ने स्थानीय लोगों पर हमला किया, जिससे कई स्थानीय लोग घायल भी हो गए थे. इस घटना के बाद कर्णप्रयाग पुलिस ने 4 निहंग सिखों को गिरफ्तार भी किया था. तभी से ये मामला सुर्खियों में है.
25 जून को कर्णप्रयाग कूच का किया था ऐलान
कर्णप्रयाग में निहंग श्रद्धालुओं की गिरफ्तारी के विरोध में निहंग सिखों ने 25 जून को कर्णप्रयाग कूच करने का ऐलान किया था, जिसके बाद से ही उत्तराखंड पुलिस अलर्ट हो रखी है. आज 25 जून को बड़ी सख्या में पंजाब से निहंग सिखों के उत्तराखंड पहुंचने की सूचना थी, जिसके बाद से ही पुलिस अलर्ट हो रखी है. उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर भारी पुलिस फोर्स और आईटीबीपी के जवान तैनात हैं.
निहंग सिखों की 3 मुख्य मांगें हैं
पहली मांग है कि जिस पुलिस ऑफिसर ने निहंग के खिलाफ केस किया, उसने गलत किया. यह बिल्कुल साफ है कि मामला किसने शुरू किया. आईओ यानी जांच अधिकारी को टर्मिनेट किया जाए.
दूसरी मांग दोषी पुलिस ऑफिसर के खिलाफ एक्शन लिया जाए. तीसरी मांग है कि जिन पुलिस ऑफिसर ने हमारे लोगों को कोर्ट में पेश किया और बिना केस के उन्हें पुलिस स्टेशन में रखा, उन्हें टर्मिनेट किया जाए.
हम मांग करते हैं कि ऐसा करने वाले सभी पुलिस ऑफिसर को सस्पेंड किया जाए. हम यहां से तभी वापस जाएंगे, जब हमारे 4 निहंग हमारे साथ चलेंगे. हमें रोका नहीं जाए. हमें रुद्रप्रयाग जाने दिया जाए.
– जसदीप सिंह, निहंग सिख
मीडिया से बातचीत में एक निहंग प्रतिनिधि ने कहा कि वे कानून व्यवस्था खराब नहीं करना चाहते। वे सतनाम वाहेगुरु का जाप करते हुए श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आगे बढ़ना चाहते हैं, बशर्ते सरकार उनके गिरफ्तार साथियों को छोड़े। उन्होंने कहा कि जब तक उनके सिंह रिहा नहीं होते, वे वापस नहीं जाएंगे।
निहंग सिख



