
नई दिल्ली, 25 जुलाई, 26. NEET यूजी परीक्षा में हुई धांधली, पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में चल रहे विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपा। दिल्ली के जंतर मंतर समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में बीते कई दिनों से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ मामला खत्म नहीं हुआ है। असली चुनौती अभी भी बाकी है।
धर्मेंद्र प्रधान अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री नहीं हैं। नीट एग्जाम पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने शनिवार दोपहर इस्तीफा दे दिया। लेकिन असली चुनौतियां अभी भी वहीं हैं। चुनौती, भारत में पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली की नींव कैसे रखी जाए? इस दौरान सरकार, न्यायलय और शिक्षा मंत्रालय के उन 7 कदमों की चर्चा होना बहुत जरूरी है, जो आने वाले समय में एजुकेशन सिस्टम को बदलने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

CBT मोड में नेशनल लेवल परीक्षाएं
IIT-JEE की तर्ज पर मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम यानी NEET भी ‘कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट’ (CBT) मोड में आयोजित किया जाएगा। नीट के अलावा दूसरे नेशनल लेवल एग्जाम भी भविष्य में पेन-पेपर मोड से हटाकर पूरी तरह से ऑनलाइन फॉर्मेट में आयोजित कराने पर विचार किया जा रहा है।
NTA में सुधार, 47 अधिकारियों को हटाया
NEET UG, JEE Main और CUET समेत लगभग 15 से 20 नेशनल लेवल परीक्षाएं कराने का जिम्मा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का है। परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर एनटीए को पूरी तरह भंग करने या सुधार करने की मांग की जा रही है। 2024 में यूजीसी नेट पेपर लीक मामले के बाद, एनटीए के प्रमुख सुबोध कुमार सिंह को हटाया गया था। इसी तरह हाल में केंद्र सरकार ने एनटीए के 47 अधिकारियों को हटा दिया है।
निगरानी के लिए हाई-लेवल कमेटी
परीक्षाओं की विश्वसनीयता फिर से बहाल करने के लिए एक स्थायी एक्सपर्ट कमेटी बनाने का प्रस्ताव है। इसमें रिटायर्ड जज, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, फॉरेंसिक साइंटिस्ट और एजुकेशनिस्ट शामिल होंगे, जो बिना किसी प्रशासनिक दबाव के स्वतंत्र रूप से परीक्षाओं का ऑडिट करेंगे।
“मैं बहुत खुश हूं. मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है. मैं कई बार डर जाती थी क्योंकि उसे पीटा गया था. मुझे चिंता होती रहती थी कि उसके साथ क्या होगा. उन्होंने उसे थप्पड़ मारे. मुझे बहुत बुरा लगा. मैं सो नहीं पाई. मैं सुबह तीन या चार बजे तक जागती रही. मैं खा भी नहीं पाई. हम दोनों की भूख मर गई और हम सो नहीं पाए. 7 जून से, हमारा घर पर कुछ भी करने का मन नहीं कर रहा है. उसने बहुत बढ़िया काम किया है. वह अभी बहुत छोटा है, फिर भी उसने इतनी कम उम्र में इतना बड़ा काम किया है. मुझे उस पर बहुत गर्व है..” अनीता दिपके, अभिजीत दिपके की माता
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया
“आज 25 जुलाई 2026 वह दिन है जब हमारे लोगों ने अपना देश वापस लेना शुरू कर दिया है. मेरा मानना है कि यह भारत के युवाओं की जीत है. मुझे उनमें से हर एक पर गर्व है. उन पर आंसू गैस छोड़ी गई और उन्हें लाठियों से पीटा गया. आज यह हमारे युवाओं ने साबित कर दिया है. वे अपने विश्वास पर अड़े रहे, जो उनके हिसाब से सही था.”
प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस सांसद
“यह लोकतंत्र की जीत है, सीधे सड़कों से आई प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है.”
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक



