
टिहरी, 14 अगस्त, 26. उत्तराखंड में चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे में सात लोगों की मौत हुई है. वहीं तीन लोग लापता हैं. मरने में वालों में दो लोग उत्तराखंड के भी है, जिसमें से एक टिहरी जिले का रहने वाला है, जिसका नाम प्रदीप पंवार हैं. प्रदीप पंवार 31 साल के थे. इसी साल 2026 अप्रैल में प्रदीप पंवार शादी हुई थी. शादी के कुछ ही महीनों बाद चमोली टनल हादसे में उनकी जान चली गई.
कुछ समय पहले माता का भी हुआ था निधन
31 साल के प्रदीप पंवार टिहरी जिले के थौलधार ब्लॉक के गंवाल गांव के रहने वाले थे. प्रदीप की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया. जिस घर में कुछ महीने पहले ही शादी की खुशियां गूंजी थीं, वहां अब मातम पसरा है. उनकी उम्र महज 31 वर्ष थी. प्रदीप पंवार की शादी के बाद परिवार भविष्य के सुनहरे सपने देख रहा था, लेकिन चमोली के पीपलकोटी में हुए हादसे ने इन सपनों को हमेशा के लिए तोड़ दिया. परिवार में प्रदीप के पिता, बड़ा भाई, भाभी, पत्नी और छोटा भाई हैं. बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले ही प्रदीप की माता का भी निधन हुआ था, ऐसे में परिवार पहले से ही गहरे दुख से गुजर रहा था और अब जवान बेटे की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है.
विधायक प्रतापनगर विक्रम सिंह नेगी ने प्रदीप की दुर्घटना में अकस्मात हुई मौत पर शोक जताते हुये कहा कि चमोली में हुई घटना बहुत दुःखद है. परिवार की हर संभव सहायता की जाएगी. बता दें कि कल 13 अगस्त शाम को चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC की निर्माणाधीन टनल में ब्लास्ट के बाद पानी और मलबा मर गया था. हादसे के समय टनल में 22 लोग फंस गए थे, जिसमें से सात लोगों की मौत हो गई. वहीं तीन लापता है. बाकी के 12 लोगों का रेस्क्यू कर लिया है, जिनका हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है.
अभी भी टनल में फंसे 3 मजदूर
चमोली में 24 घंटे बाद भी पीपलकोटी THDC टनल में रेस्क्यू पूरा नहीं हो पाया है. बता दें कि अब तक 12 घायलों और 7 मृतकों को टनल से रेस्क्यू कर बाहर निकाला जा चुका है. वहीं, अभी भी 3 लोग टनल में लापता हैं. तीनों को ढूंढने का काम देर रात एक बजे से किया जा रहा है, लेकिन टनल में लगातार बढ़ते जलस्तर और जहां टनल में लूज आ गया था, वहां भारी मलबा होने के कारण रेस्क्यू टीमों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
बता दें कि 12 घायलों और 7 मृतकों को टनल से रेस्क्यू करने में लगभग 6 घंटे का समय लगा. वहीं, 19 घंटे बाद भी टनल से पानी को बाहर नहीं किया जा सका है. ऐसे में अभी भी टनल में 3 लोगों को खोजने के लिए लगातार पंप लगाए जा रहे हैं. पानी को जैसे-तैसे बाहर निकालने का काम किया जा रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और टनल के अंदर आता पानी कहीं न कहीं मुश्किलें खड़ी कर रहा है. वहीं, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी भी इस दौरान मुख्यमंत्री के दौरे के बाद देर शाम पीपलकोटी के THDC टनल का निरीक्षण करने पहुंचे.
बता दें कि टनल के अंदर लगातार मशीनें और रेस्क्यू टीमें काम कर रही हैं कि किस प्रकार पानी को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके. इसके लिए यहां पूरे प्रयास किए जा रहे हैं.



