
पौड़ी, 23 अगस्त, 26. जनपद में चीनी के अवैध भंडारण, जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं पूर्ति विभाग ने व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में विभाग की 11 टीमों ने विभिन्न नगरों और ग्रामीण बाजारों में खाद्य दुकानों का औचक निरीक्षण कर चीनी के स्टॉक एवं उपलब्धता की जांच की।
कोटद्वार, पाबौ, सतपुली, दुगड्डा, श्रीनगर बाजारों में दुकानों पर छापेमारी
जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि विभागीय टीमों ने कोटद्वार, पौड़ी, श्रीनगर, पाबौ, लैंसडाउन, सतपुली, लक्ष्मणझूला, चौबट्टाखाल, रिखणीखाल, दुगड्डा और उफरैंखाल बाजारों में दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान व्यापारियों को निर्धारित नियमों का पालन करने और चीनी का अनावश्यक भंडारण नहीं करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि चीनी की कालाबाजारी, अवैध बिक्री अथवा निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण करते पाए जाने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि उपभोक्ताओं को आवश्यक खाद्य सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बाजारों में लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि आगे भी नियमित और औचक चेकिंग अभियान जारी रहेगा तथा अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आखिर क्यों 45 से 70 रुपये पहुंच गयी चीनी की कीमत
एक महीने पहले तक चीनी की कीमत 45 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास थी, आज इसकी कीमत 60 रुपये से लेकर 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है. वह भी तब जबकि अगस्त से नवंबर के बीच गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार पड़ते हैं. चीनी की बढ़ती कीमतों ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. सरकार भी चिंतित है. उसने भी चीनी की कीमतों पर नियंत्रण लगाने के लिए कई कदम उठाए हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि चीनी के दाम बढ़ गए.
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, चीनी की कीमतों में मौजूदा बढ़ोतरी कई वजहों से हो रही है, जिनमें उम्मीद से कम घरेलू उत्पादन, त्योहारों के मौसम से पहले बढ़ी हुई मांग, मौसम की वजह से गन्ने की फसल को नुकसान, दुनिया भर में चीनी की सप्लाई में कमी और इंडस्ट्री के कुछ हिस्सों द्वारा सट्टेबाजी और जमाखोरी शामिल हैं. अनुमान से कम उत्पादन के बावजूद, अक्टूबर में नया पेराई का मौसम शुरू होने तक घरेलू मांग को पूरा करने के लिए देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. चीनी की कीमतें दुनिया भर में भी बढ़ रही हैं. चीनी की सप्लाई में कमी एक वैश्विक घटना है और यह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है.



