
पिथौरागढ़, 20 सितंबर, 26. आदि कैलाश यात्रा के दूसरे चरण का आगाज हो गया है. पहले ही दिन 500 इनरलाइन परमिट जारी किये गये हैं. यात्रा के दूसरे चरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. जिससे सीमांत क्षेत्र धारचूला में एक बार फिर रौनक लौटने लगी है.
दूसरे चरण की यात्रा के लिए इनरलाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया आज से शुरू कर दी गई है. पहले ही दिन 500 परमिट जारी किए गए हैं. इस वर्ष यात्रा के पहले चरण में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आदि कैलाश और ॐ पर्वत के दर्शन के लिए पहुंचे थे. एक मई से एक जुलाई तक चले पहले चरण में कुल 52 हजार 441 इनरलाइन परमिट जारी किए गए. दूसरे चरण की शुरुआत के साथ ही सीमांत क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है.
आशीष जोशी, उपजिलाधिकारी, धारचूला
बेली ब्रिज पर यातायात सुचारू, मार्ग खुला
श्रद्धालुओं की आमद से स्थानीय कारोबारियों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी राहत मिलने की संभावना है. प्रसिद्ध आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा का दूसरा चरण रविवार से शुरू हो गया. मौसम साफ होने और बीआरओ की ओर से कुलागाड़ में बेली ब्रिज पर यातायात सुचारु किए जाने के बाद यात्रा मार्ग खुलने से प्रशासन ने बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों के लिए ऑनलाइन इनर लाइन परमिट की प्रक्रिया फिर शुरू कर दी. इसके साथ ही धारचूला में यात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है. पहले दिन 500 से अधिक परमिट जारी किए गए. 200 से ज्यादा यात्री बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ गुंजी के लिए रवाना हुए.
यात्रा के पहले चरण में 52,441 श्रद्धालु कर चुके हैं ओम पर्वत के दर्शन
यात्रा के दूसरे चरण के शुरू होने से स्थानीय टूर ऑपरेटर, वाहन स्वामी, होटल और होम स्टे संचालकों में खुशी की लहर है. करीब दो महीने के अंतराल के बाद यात्रा शुरू होने से सीमांत क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां फिर तेज होने की उम्मीद है. यात्रा से धारचूला के साथ गुंजी, नाभी, कुटी सहित मार्ग के अन्य गांवों में भी स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है. इस वर्ष यात्रा का पहला चरण एक मई से एक जुलाई तक चला. 61 दिनों के दौरान 52,441 यात्रियों ने आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए. पिछले वर्ष यह संख्या 36,542 थी. आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है.



