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71 की उम्र फिल्म की शूटिंग के लिए 2022 में उत्तराखंड आए थे नाना पाटेकर, बाबा के दर्शन को पहुंचे थे केदारनाथ धाम

देहरादून, 8 अक्टूबर, 26. बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर का उत्तराखंड से जुड़ाव केवल फिल्मों की शूटिंग तक सीमित नहीं रहा। वर्ष 2022 में मराठी फिल्म की शूटिंग के लिए उत्तराखंड पहुंचे नाना पाटेकर ने पहाड़ों को करीब से महसूस किया। नाना पाटेकर अपनी एक मराठी फिल्म के लिए 2022 में उत्तराखंड आए थे। रुद्रप्रयाग, चमोली, चोपता, दुगलबिट्टा, बनियाकुंड और मलारी जैसे पहाड़ी इलाकों में शूटिंग के दौरान उन्होंने उत्तराखंड की प्राकृतिक खूबसूरती को देखा, लेकिन उनके इस सफर का सबसे खास पड़ाव रहा केदारनाथ।

71 की उम्र में पैदल चढ़ाई कर पहुंचे केदारनाथ
फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने 71 वर्ष की उम्र में केदारनाथ की चढ़ाई भी की थी। वह केदारनाथ-भैरवनाथ पहाड़ी क्षेत्र तक पहुंचे। उनकी इस यात्रा का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था। उम्र के इस पड़ाव में पहाड़ की कठिन चढ़ाई करते नाना पाटेकर को देखकर उनके प्रशंसकों ने खूब सराहना की थी।

नाना पाटेकर मराठी फिल्म ‘ओले आले’ की शूटिंग के सिलसिले में उत्तराखंड पहुंचे थे। फिल्म का निर्देशन विपुल मेहता ने किया था। पिता-पुत्र के रिश्ते और जिंदगी को खुलकर जीने के संदेश पर आधारित यह फिल्म भावनात्मक और हास्य से भरपूर रोड ड्रामा थी। फिल्म में नाना पाटेकर के साथ सिद्धार्थ चांदेकर, सायली संजीव और मकरंद अनासपुरे ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई थीं। फिल्म की शूटिंग के दौरान ऋषिकेश के कई प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों को कैमरे में उतारा गया था। रामझूला, लक्ष्मणझूला, जानकी सेतु और गंगा घाटों के आसपास फिल्म के दृश्य फिल्माए गए। इसके अलावा स्वर्गाश्रम क्षेत्र और परमार्थ निकेतन परिसर में भी शूटिंग हुई थी।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
इस चढ़ाई के दौरान निर्देशक विपुल मेहता ने उनके साथ एक वीडियो साझा किया था, जिसमें नाना पाटेकर ने इस उम्र में पहाड़ी चढ़ने की खुशी जताई थी। उत्तराखंड प्रवास के दौरान उन्होंने गढ़वाली संस्कृति, पहाड़ी टोपी और पारंपरिक व्यंजनों (जैसे मंडुवे की रोटी और राई-पालक की सब्जी) का खुलकर आनंद लिया था।

पहाड़ की सादगी भी आई पसंद
उत्तराखंड प्रवास के दौरान नाना पाटेकर ने यहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ स्थानीय खान-पान का भी आनंद लिया। फिल्म के लाइन प्रोड्यूसर त्रिभुवन चौहान के अनुसार, नाना पाटेकर को मंडुवे की रोटी और राई-पालक की सब्जी खूब पसंद आई थी। पहाड़ी टोपी भी उन्हें पसंद आई और वह इसे पहनकर नजर आए। केदारनाथ की यात्रा, पहाड़ी खान-पान और स्थानीय संस्कृति से रूबरू होने का यह अनुभव नाना पाटेकर के उत्तराखंड प्रवास को खास बना गया। यही वजह रही कि शूटिंग खत्म होने के बाद भी उत्तराखंड की पहाड़ियां और यहां की सादगी उनकी यादों में बनी रहीं।

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