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दून अस्पताल में न्यूरो ओपीडी में अब सप्ताह में पांच दिन डाक्टर से ले सकते हैं सलाह

देहरादून, 9 अक्टूबर, 26. न्यूरो संबंधी बीमारी के इलाज के लिए दून अस्पताल आने वाले मरीजों को अब ओपीडी के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब न्यूरो ओपीडी सप्ताह में पांच दिन संचालित होगी। नई व्यवस्था के तहत मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को मरीज विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श ले सकेंगे।

पहले न्यूरो ओपीडी सिर्फ सीमित दिन संचालित होती थी। ऐसे में मरीजों को तय दिन का इंतजार करना पड़ता था। दूरदराज से आने वाले मरीजों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती थी। ओपीडी के दिन बढ़ाए जाने से अब मरीजों को सप्ताह में पांच दिन परामर्श लेने का विकल्प मिलेगा। इससे एक ही दिन मरीजों का अधिक दबाव होने की स्थिति भी कम होने की उम्मीद है।
अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की बढ़ती संख्या और उनकी सुविधा को देखते हुए व्यवस्था में बदलाव किया है। खासकर नियमित जांच और फालोअप कराने वाले मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। दूरदराज के मरीज भी अपनी सुविधा के अनुसार ओपीडी का दिन चुन सकेंगे। अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीजों को विशेषज्ञ सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने के लिए ओपीडी व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
डा. गीता जैन, प्राचार्य

भर्ती मरीजों के अल्ट्रासाउंड में देरी पर अस्पताल प्रशासन सख्त
दून अस्पताल के रेडियोलाजी विभाग में भर्ती मरीजों के अल्ट्रासाउंड में हो रही देरी पर अस्पताल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। यह मामला सामने आने के बाद एमएस डा. आरएस बिष्ट ने संबंधित रेडियोलाजिस्ट को समय पर पहुंचकर जांच शुरू करने की हिदायत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए इंतजार कराने या ड्यूटी में लापरवाही बरतने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रोज 15 से 20 अल्ट्रासाउंड होते हैं
रेडियोलाजी विभाग में रोजाना करीब 15 से 20 भर्ती मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। डाक्टर के समय पर नहीं पहुंचने से इन मरीजों की जांच प्रभावित हुई और उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने संबंधित डाक्टर को समय की पाबंदी के निर्देश दिए। इसके बाद गुरुवार को डाक्टर समय पर पहुंचे और दोपहर 12 बजे तक भर्ती मरीजों के अल्ट्रासाउंड कर दिए गए। अस्पताल प्रशासन के अनुसार संबंधित डाक्टर के देरी से पहुंचने की शिकायत पहले भी मिलती रही है।

डाक्टर को सुबह नौ बजे अस्पताल पहुंचकर अल्ट्रासाउंड शुरू करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती मरीजों की जांच में देरी उनके इलाज को प्रभावित कर सकती है। इसलिए ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आगे देरी की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
डा. बिष्ट, एमएस 

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