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BKTC के कर्मचारी धरने पर, मंदिर प्रांगण में अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी

रुद्रप्रयाग, 13 अक्टूबर, 26. बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी BKTC) के अधीन कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांगों का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन का ऐलान किया है. दशकों से बदरीनाथ और केदारनाथ धाम सहित मंदिर समिति के अधीनस्थ मंदिरों में सेवाएं दे रहे करीब 300 अस्थायी कार्मिक अब अपने अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर हैं.

एक हफ्ते तक अनिश्चितकालीन अनशन का निर्णय
कर्मचारियों ने मंगलवार से एक सप्ताह तक मंदिर केदारनाथ मंदिर प्रांगण में क्रमिक अनशन करने का निर्णय लिया है. साथ ही चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने के लिए बाध्य होंगे.

लंबित मांगों का अब तक समाधान नहीं हो पाया
BKTC कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से मंदिर समिति की व्यवस्थाओं के संचालन और धार्मिक गतिविधियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इसके बावजूद उनकी समस्याओं और लंबित मांगों का अब तक समाधान नहीं हो पाया है. कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार अवगत कराने के बाद भी संबंधित विभाग उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है.

दिवंगत कर्मचारियों के परिवार भी आर्थिक सहायता से वंचित
कर्मचारी राजेंद्र रावत, योगंबर सिंह और संदीप रावत ने बताया कि सेवा के दौरान दिवंगत हुए करीब एक दर्जन कर्मचारियों के परिवारों और आश्रितों को अब तक आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है. उनका कहना है कि जिन कर्मचारियों ने वर्षों तक मंदिर समिति को अपनी सेवाएं दीं, उनके निधन के बाद उनके परिजनों को सहायता न मिलना चिंता का विषय है. कर्मचारियों ने इस मामले में भी शीघ्र कार्रवाई की मांग उठाई है.

BKTC कर्मचारियों के अनुसार पूर्व में भी समिति के अधिकारियों को उनकी मांगों के समयबद्ध निस्तारण के लिए अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. इसी से नाराज होकर कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार से लगातार एक सप्ताह तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक क्रमिक अनशन किया जाएगा.

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन अपनी लंबित मांगों के समाधान के लिए किया जा रहा है. यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी. इससे मंदिर समिति की व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है.

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