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दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाये जाने के विरोध में कांग्रेस ने एक घंटे का मौनव्रत रखा video

देहरादून, 13 अक्टूबर, 26. उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाये जाने के विरोध में कांग्रेस ने गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने 1 घंटे का मौन उपवास रखा. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता गांधीजी की मूर्ति के सामने उपवास पर बैठे.

अंकिता हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका पर उठते रहे हैं सवाल

कांग्रेस का आरोप है कि अंकिता भंडारी के माता-पिता की तरफ से अंकिता केस में कथित वीआईपी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. उसके बावजूद अंकिता प्रकरण पर सीबीआई जांच कराए जाने की जगह भाजपा सरकार ने दुष्यंत गौतम को राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्त करने का फैसला लिया है.

कांग्रेस पार्टी ने सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में सीबीआई जांच हुए बिना सरकार का यह निर्णय महिला विरोधी है, बल्कि सरकार का यह निर्णय देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड के लिए भी कलंक के समान है. इसके विरोध में कांग्रेस जनों ने इसे महिला विरोधी निर्णय बताते हुए देहरादून के राजपुर रोड स्थित गांधी पार्क में उपवास कार्यक्रम रखा है.

वोट का अधिकार छीने जाने पर भी कई संगठनों का विरोध मार्च
वहीं, इससे पहले बीते रोज वोट का अधिकार छीने जाने के विरोध में आज सिटीजन फोरम, उत्तराखंड इंसानियत मंच, उत्तराखंड महिला मंच, कम्युनिस्ट पार्टी क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन समेत विभिन्न जन सरकारों से जुड़े संगठनों ने विरोध मार्च निकाला. सभी प्रदर्शनकारी गांधी पार्क में बड़ी संख्या जुटे, उसके बाद नारेबाजी करते हुए सचिवालय स्थित मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाला, विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कार्यकर्ता भी शामिल हुए.

पुलिस ने प्रदर्शनकारी नागरिकों को सचिवालय से पहले बैरिकेडिंग लगाकर रोका. प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.सभी ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई. इस बीच सड़क में धरने पर बैठे विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं को हटाने का पुलिस ने जैसे ही प्रयास किया, तभी पुलिस और संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर तीखी नोंकझोंक हो गई. इस दौरान वहां काफी देर तक हंगामा की स्थिति बनी रही.

प्रदर्शन में शामिल हुई सोशल एक्टिविस्ट स्वाति नेगी ने आरोप लगाया कि सरकार अब वोट के अधिकार को भी छीनने का काम कर रही है. उन्होंने कहा प्रत्येक नागरिक को मेरा वोट मेरा अधिकार मिलना चाहिए, और हर नागरिक को यह जानने का अधिकार होना चाहिए कि उसका वोट किसको गया है, ताकि कोई भी सरकार वोटों में गड़बड़ी नहीं कर पाए.

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