
देहरादून, 3 नवम्बर, 26. उत्तराखंड में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों से जोड़ने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में देहरादून के ग्रामीण क्षेत्रों से 28 किसानों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण के लिए हिमाचल प्रदेश रवाना किया गया है. किसानों के दल को कृषि मंत्री गणेश जोशी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
किसानों का यह दल डॉ. वाई एस परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री नौणी (सोलन) में प्रशिक्षण लेगा. प्रशिक्षण के दौरान किसान सेब उत्पादन की आधुनिक तकनीकों जैसे कटाई-छंटाई, फल पौध रोपण, उर्वरक प्रबंधन, जैविक खाद, बडिंग-ग्राफ्टिंग एवं फलों की पैकेजिंग और मार्केटिंग की जानकारी हासिल करेंगे. ‘सेब सघन बागवानी प्रशिक्षण’ 3 से 7 नवंबर तक चलेगा.
क्या बोले कृषि मंत्री गणेश जोशी? वहीं, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद किसान न सिर्फ खुद इन तकनीकों का लाभ उठाएंगे, बल्कि अन्य किसानों को भी आधुनिक बागवानी के प्रति जागरूक करेंगे. इससे प्रदेश में सेब उत्पादन और उत्पादकता में गुणात्मक वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी.
उन्होंने कहा कि सरकार पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए क्लस्टर आधारित खेती एवं उच्च मूल्य वाली फसलों को प्रोत्साहित कर रही है. प्रदेश में 808.79 करोड़ रुपए की लागत से सेब की अति सघन बागवानी योजना संचालित की जा रही है. इसके तहत 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सेब के बागान विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है और किसानों को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है.
इसके अलावा सेब तुड़ाई के बाद प्रबंधन योजना के तहत 144.55 करोड़ रुपए की लागत से सीए स्टोरेज और सॉर्टिंग-ग्रेडिंग इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, जिनमें 50 से 70 फीसदी तक अनुदान का प्रावधान है. वहीं, 80 करोड़ की लागत से सेब की अत्याधुनिक नर्सरी योजना के तहत 400 एकड़ क्षेत्र में नर्सरी स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है.
सेब की अति सघन बागवानी से पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और पलायन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. उन्होंने बताया कि भविष्य में जिला योजना एवं राज्य सेक्टर योजनाओं के माध्यम से किसानों का चयन कर प्रदेश के भीतर और बाहर प्रशिक्षण दिलाया जाएगा. इसके तहत कीवी फल उत्पादन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में भी किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. ताकि, उनकी आय और आर्थिकी को और मजबूत बनाया जा सके.
गणेश जोशी, कृषि मंत्री, उत्तराखंड
बता दें कि उत्तराखंड में सबसे ज्यादा सेब का उत्पादन उत्तरकाशी जिले में होता है. जहां हर्षिल घाटी, नौगांव फल पट्टी और मोरी क्षेत्र के बंगाण और नैटवाड़ इलाके में सेब की पैदावार होती है. इसके अलावा नैनीताल, पौड़ी, देहरादून के जिले के ऊंचाई वाले इलाकों और पिथौरागढ़ समेत अन्य इलाकों में भी सेब का उत्पादन होता है.



