
हरिद्वार, 3 नवम्बर, 26. अभिनेत्री उर्मिला सनावर को कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद भी जेल से रिहाई नहीं मिल सकी है. जमानत के आदेश के बाद भी उनके लिए सक्षम जमानती कोर्ट में पेश नहीं हो पाए हैं. सोमवार को जमानत मिलने के बाद मंगलवार को भी जमानती नहीं मिलने के कारण उन्हें एक और रात रोशनाबाद जिला कारागार में बितानी पड़ेगी. अब उनकी रिहाई के लिए जमानती पेश होने का इंतजार किया जा रहा है. उर्मिला सनावर की वकील प्रीति सिंह चौहान ने इसकी पुष्टि की.
दरअसल, उर्मिला सनावर के खिलाफ पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर ने बीती 25 अक्तूबर को रानीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था. अपनी शिकायत में दीपिका राठौर ने उर्मिला सनावर पर उसके परिवार पर सोशल मीडिया के जरिए आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के साथ-साथ रविदास धाम की संपत्ति अपने नाम कराने के लिए पांच करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगाया था.
इतना ही नहीं मांग पूरी नहीं होने पर उर्मिला सनावर ने दीपिका राठौर और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी. पुलिस ने दीपिका राठौर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर उर्मिला सनावर को उसके सहारनपुर आवास से गिरफ्तार किया था. इसके बाद उर्मिला सनावर को हरिद्वार कोर्ट में पेश किया गया था. कोर्ट ने उर्मिला सनावर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था, तब से उर्मिला सनावर हरिद्वार जेल में ही बंद है.
इस बीच उर्मिला सनावर ने कोर्ट ने यमानत याचिका दायर की थी, जिस पर कल सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हुई थी. कोर्ट ने सोमवार को ही उर्मिला सनावर को जमानत दे दी थी, लेकिन उन्हें जमानती नहीं मिल पाई था, जिस कारण सोमवार की रात उर्मिला सनावर को जेल में ही रहना पड़ा था. वहीं उम्मीद की जा रही थी कि आज मंगलवार तीन नवंबर को उर्मिला सनावर जेल से बाहर आएगी, लेकिन आज भी जमानती कोर्ट में पेश नहीं हो पाए हैं. इस वजह से उर्मिला सनावर को आज की रात भी जेल भी बितानी होगी. ऐसे में जमानत मिलने के बावजूद उर्मिला सनावर को फिलहाल जेल में ही रहना पड़ेगा।
उर्मिला सनावर की अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान ने बताया कि कोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहाई के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जानी है. आज भी सक्षम जमानती उपलब्ध नहीं हो सके. इसके चलते मंगलवार को भी रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई. उन्होंने बताया कि जमानती पेश होने और न्यायालय की निर्धारित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही जेल से रिहाई संभव हो सकेगी. वहीं वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बताया कि रिहाई के संबंध में न्यायालय से जो भी आदेश प्राप्त होगा, उसका पालन किया जाएगा.



