
श्रीनगर, 17 मार्च। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि में मंगलवार को स्व. कैप्टन विजयपाल सिंह नेगी की स्मृति में बिड़ला परिसर में होने वाली अंतर संकाय सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक प्रतियोगिताएं छात्रों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई के बाद शुरू हुआ। दरअसल सोमवार को संयुक्त छात्र परिषद ने देर रात तक गढ़वाल विवि के कुलसचिव सहित मुख्य नियंता को कुलसचिव कार्यालय में बंधक बनाया रखा। इस दौरान गढ़वाल विवि के अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की लेकिन छात्रों ने एक न सुनी। विवि के अधिकारियों ने छात्रों कि मांगों पर बैठक आहूत करने की बात कही तब जाकर छात्रों ने कुलसचिव को छोड़ा।
मंगलवार को छात्रों की मांगों पर चौरास स्थित शैक्षणिक क्रियाकलाप केंद्र में कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में गढ़वाल विवि के अधिकारियों एवं शिक्षकों की बैठक आहूत की गई। बैठक में छात्र संघ के पदाधिकारियों को शामिल न किए जाने पर छात्रों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रदर्शन किया। वहीं गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में सुबह दस बजे से शुरू हुई बैठक करीब शाम 4 बजे सम्पन्न हुई।
क्या था विवाद का कारण
विश्वविद्यालय ने पहले यूजीसी रेगुलेशन का हवाला देते हुए केवल नेट, जेआरएफ और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं के स्कोर के आधार पर सीधे साक्षात्कार से प्रवेश देने का प्रावधान था, जिसका छात्र विरोध कर रहे थे और सभी के लिए प्रवेश परीक्षा की मांग कर रहे थे ताकि अधिक से अधिक छात्रों को मौका मिल सके। लेकिन विवि प्रशासन ने छात्रों की मांगों को अनसुना करता रहा, जिसके चलते छात्रों को धरने पर बैठना पड़ा। कहा कि छात्रों की मांग के आगे विवि प्रशासन को झुकना पड़ा। कहा कि यह जीत उन सभी छात्रों की है, जो लम्बे समय से शोध के क्षेत्र में कार्य करना चाह रहे हैं। वहीं संयुक्त परिषद ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई होने पर धरना समाप्त कर दिया है। इस मौके पर गढ़वाल विवि के छात्र संघ अध्यक्ष महिपाल सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष शिवांक नौटियाल, सचिव अनिरोध पुरोहित, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सुधांशु थपलियाल, विरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि लम्बे समय से गढ़वाल विवि में पूर्व की भांति पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने की मांग की जा रही थी,
विश्वविद्यालय ने पहले यूजीसी रेगुलेशन का हवाला देते हुए केवल नेट, जेआरएफ और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं के स्कोर के आधार पर सीधे साक्षात्कार से प्रवेश देने का प्रावधान था, जिसका छात्र विरोध कर रहे थे और सभी के लिए प्रवेश परीक्षा की मांग कर रहे थे ताकि अधिक से अधिक छात्रों को मौका मिल सके। लेकिन विवि प्रशासन ने छात्रों की मांगों को अनसुना करता रहा, जिसके चलते छात्रों को धरने पर बैठना पड़ा। कहा कि छात्रों की मांग के आगे विवि प्रशासन को झुकना पड़ा। कहा कि यह जीत उन सभी छात्रों की है, जो लम्बे समय से शोध के क्षेत्र में कार्य करना चाह रहे हैं। वहीं संयुक्त परिषद ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई होने पर धरना समाप्त कर दिया है। इस मौके पर गढ़वाल विवि के छात्र संघ अध्यक्ष महिपाल सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष शिवांक नौटियाल, सचिव अनिरोध पुरोहित, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सुधांशु थपलियाल, विरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि लम्बे समय से गढ़वाल विवि में पूर्व की भांति पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने की मांग की जा रही थी,
छात्रों की मांग के अनुसार विवि कराएगा शोध प्रवेश परीक्षा
मंगलवार को छात्र हितों से जुड़ी मांगों को लेकर गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में विवि के अधिकारियों एवं शिक्षकों के साथ बैठक आहूत की गई। बैठक में पीएचडी प्रवेश के लिए प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया है कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2025-26 के लिए विवि द्वारा शोध प्रवेश परीक्षा अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय जल्द ही पीएचडी के लिए नया नोटिफिकेशन और आवेदन फार्म जारी करेगा। पूर्व में जिन छात्रों ने आवेदन किया है उनके आवेदन मान्य होंगे। इस संबंध में छात्रों ने चेतावनी दे डाली कि यदि जल्द आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



