
देहरादून, 30 मार्च। भारतीय सेना में 32 साल नौकरी करने के बाद रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी पत्नी के साथ जोहड़ी स्थित तुला अपार्टमेंट में रहकर खुशहाल जीवन जी रहे थे। वह तुला अपार्टमेंट सोसायटी के अध्यक्ष भी थे और नियमित सुबह 6:30 पर साथियों के साथ मार्निंग वाक के लिए निकलते थे।

सोमवार को भी वह अपने दो साथियों के साथ मार्निंग वाक पर निकले थे। रास्ते में दो पक्षों के बीच चल रहे झगड़े में उनकी जान चली गई। इस घटना से क्षेत्र में गमगीन माहौल बना हुआ है। स्वजन के अनुसार मुकेश जोशी वर्ष 2010 में ब्रिगेडियर पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह भारतीय सेना की इंटेलिजेंस कोर में रहे और कई वर्ष जम्मू कश्मीर में सेवाएं दी।
बेटा नौसेना में कमांडर, जिसकी ड्यूटी मारीशस में है
उनका बेटा भारतीय नौ सेना में कमांडर पद पर तैनात हैं, जिनकी ड्यूटी इस समय मारिशस में है। वहीं उनकी बेटी गोवा में पत्रकार है, जो कि इन दिनों माता-पिता के पास आई हुई है। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। घटना के संबंध में उनके बेटे को भी सूचित किया गया है, जो कि मंगलवार को देहरादून पहुंचेंगे। रिटायर्ड ब्रिगेडियर की हत्या के मामले में चश्मदीदों ने बताया कि घटना से कुछ मिनट पहले ही मुकेश जोशी हमारे साथ मार्निंग वाक कर रहे थे।
इसके कुछ देर बाद स्कार्पियो सवार युवकों ने फार्च्यूनर को रोकने के लिए उसके टायरों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक गोली वहां से गुजर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के सीने में लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई।
गोली की रफ्तार से भाग रहे थे दोनों वाहन
घटना के समय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे तुला ग्रीन अपार्टमेंट सोसायटी के सचिव एसपी शर्मा ने बताया कि 10 साल से वह मार्निंग वाक पर जाते हैं। सोमवार सुबह भी करीब 6:30 बजे वह मार्निंग वाक के लिए निकले थे।
वह मालसी की तरफ जा रहे थे और घर से निकले मुश्किल से 8 मिनट ही हुए होंगे। मालसी सिनोला प्राथमिक विद्यालय के पास मेन रोड पर वह सड़क के किनारे चल रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि दूर से दो वाहन बेहद तेज रफ्तार में आ रहे है। उनकी रफ्तार करीब 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटा रही होगी। सचिव एसपी शर्मा ने बताया कि वह खतरा भांपकर उन्होंने ब्रिगेडियर साहब और अन्य साथियों को थोड़ा साइड करने की कोशिश की, ताकि वह वाहनों की चपेट में न आ जाएं। तभी दो आवाजें आईं। शुरू में लगा कि किसी ने पटाखे फोड़े हैं, लेकिन अगले ही पल उनके साथ चल रहे ब्रिगेडियर जोशी सड़क पर गिर पड़े। उनके दाहिने सीने में एक साफ सुराख हो गया था और तेजी से खून बह रहा था। जब तक वह कुछ समझ पाते, महज 4 से 5 सेकंड के अंदर दोनों गाड़ियां हवा की तरह वहां से भाग निकली।
बेटा मारिशस से भारत के लिए रवाना हो गया है, जिसे देहरादून पहुंचने में कल शाम तक का समय लग सकता है। इस कारण अंतिम संस्कार संभवतः बुधवार सुबह किया जाएगा। भावुक होकर उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर जोशी बहुत ही मिलनसार और सभ्य लोग थे, पूरे अपार्टमेंट में हर कोई उन्हें सम्मान देता था।
सनरूफ से बाहर निकलकर लगातार फायरिंग कर रहा था व्यक्ति
स्थानीय पार्षद सागर लामा व पड़ोसी युवक शेखर ने बताया कि वह रोज की तरह सुबह करीब 6:30 बजे बच्चों के साथ मार्निंग वाक पर निकला था। वहां रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी और दो अन्य लोग भी थे। हालांकि वह उन दो साथियों को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता, लेकिन ब्रिगेडियर जोशी रोज वहां मार्निंग वाक के लिए आते थे। तभी करीब 30 फीट की दूरी पर अचानक हलचल दिखी और वह दौड़कर वहां पहुंचा। उनके साथियों ने बदहवास होकर बताया कि उन्हें गोली लग गई है।
दो आरोपी रोहित और अखलाख गिरफ्ताऱ
पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों रोहित और अखलाख को मौके से गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर जोहड़ी गांव में सड़क किनारे झाडियों से घटना में इस्तेमाल किए गए 2 देसी तमंचे और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए गए. आरोपियों को घटना में इस्तेमाल तमंचे उपलब्ध कराने पर बार के मालिक संदीप कुमार को गिरफ्तार किया गया. साथ ही आरोपी संदीप के बार ZEN Z को बंद कराते हुए उसे सील कर दिया. साथ ही लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है.
पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों रोहित और अखलाख को मौके से गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर जोहड़ी गांव में सड़क किनारे झाडियों से घटना में इस्तेमाल किए गए 2 देसी तमंचे और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए गए. आरोपियों को घटना में इस्तेमाल तमंचे उपलब्ध कराने पर बार के मालिक संदीप कुमार को गिरफ्तार किया गया. साथ ही आरोपी संदीप के बार ZEN Z को बंद कराते हुए उसे सील कर दिया. साथ ही लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है.



