
कोटद्वार, 2 मई। पौड़ी गढ़वाल जिले के सतपुली क्षेत्र में पुल के नीचे एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिला है. युवक ने हेलमेट भी पहना हुआ था. प्राथमिक दौर पर मामला आत्महत्या का लग रहा है. क्योंकि युवक का घटना से पहले का एक वीडियो भी सामने हो रहा है. वीडियो में युवक सतपुली थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहा है. इस मामले में पुलिस की तरफ से भी जवाब आया है.
पूरा मामला जानिए
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सतपुली थाना क्षेत्र में रायपुर गांव के पुल के नीचे युवक का शव मिला है. युवक ने हेलमेट पहना हुआ था. मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ व फायर सर्विस की टीम की मदद से शव को उतारा गया.
इसके साथ ही मौके पर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया था. एफएसएल टीम ने मौके पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के साथ साक्ष्य एकत्र किए गए. पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए राजकीय चिकित्सालय कोटद्वार भेज दिया, जहां डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया जा रहा है.
पहले वीडियो पोस्ट की और फिर मौत को गले लगाया
शुक्रवार रात युवक के इंस्टाग्राम अकाउंट से करीब 12 बजे एक वीडियो पोस्ट किया गया। घर के भीतर कमरे में बना यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में सतपुली पुलिस एवं थानाध्यक्ष पर मारपीट करने और थाने में रिश्तेदारों को खरी-खोटी सुनाने का आरोप लगाते हुए मौत का जिम्मेदार बताया गया है। युवक के पिता का कोरोनाकाल में निधन हुआ था। वर्तमान में युवक गुजरात में किसी कंपनी में नौकरी करता था। वह परिवार की आजीविका का अकेला ही सहारा था। पिछले रविवार को युवक की बड़ी बहन की शादी थी, जिसमें शामिल होने के लिए वह घर आया था। परिवार में उसकी शादीशुदा बड़ी बहन के अलावा एक छोटी बहन और मां हैं।
रैतपुर सतपुली का रहने वाला है मृतक पंकज कुमार 20 वर्ष
मृतक की शिनाख्त पंकज कुमार (उम्र लगभग 20 वर्ष) निवासी रैतपुर सतपुली (पौड़ी गढ़वाल) के रूप में हुई है. घटना ने नया मोड़ तब लिया जब युवक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया. वीडियो में युवक ने सतपुली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.
युवक अपनी बाइक से बहुत प्यार करता था और बाइक चलाने का बड़ा शौकीन भी था. इसीलिए अपने सोशल मीडिया पेज पर अपना नाम (BORN_2_RIDE) लिखा हुआ था. वहीं परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने युवक की बाइक सीज कर दी थी और उसी वजह से वो लगातार मानसिक रूप से परेशान चल रहा था, जिसके चलते शायद उसने इस तरह का कदम उठाया है.
परिजनों के अनुसार शुक्रवार शाम को पुलिस ने पंकज को पकड़़ा था. आरोप है कि पंकज नशे की हालत में बाइक चला रहा था. इसीलिए पुलिस ने चालान करते हुए उसकी बाइक सीज कर दी थी. परिजनों का कहना है कि पंकज अपनी बाइक से बेहद लगाव रखता था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था.
मां ने देखा था सबसे पहले बेटा का शव
परिजनों ने बताया कि शनिवार सुबह पंकज बिना बताए घर से निकल गया था. परिजनों ने उसे काफी ढूंढा, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया. पंकज की मां पुष्पा का कहना है कि जब वह घर की छत पर गईं तो उन्हें पुल के नीचे एक युवक का शव दिखाई दिया. आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची. मौके पर पहुंची SDRF और फायर टीम ने शव को नीचे उतारा.
अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार को सौंपी गई जांच
युवक ने वीडियो में पुलिस पर जो आरोप लगाए है, उसे पुलिस ने गंभीरता से लिया है. पौड़ी गढ़वाल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पौड़ी सर्वेश पंवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार को सौंप दी है. युवक ने मरने से पहले स्थानीय पुलिस पर आरोप लगाए है. इसीलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए मैंने मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार को दी है. ताकि आरोपों की निष्पक्ष रूप से जांच हो सके. पोस्टमॉर्टम भी डॉक्टर के पैनल द्वारा कराया जा रहा है, जिसकी फोटो और वीडियो ग्राफी होगी. इस मामले में यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी.
-सर्वेश पंवार, एसएसपी, पौड़ी गढ़वाल
एसएसपी के आदेश पर थानाध्यक्ष सतपुली को अग्रिम आदेश तक लाइन हाजिर
पुलिस के अनुसार 1 मई को पंकज कुमार शराब के नशे में बाइक चला रहा था और उसने एक स्थानीय चिकित्सक को टक्कर मार दी थी, जिसमें चिकित्सक घायल हो गए थे और पंकज भी चोटिल हुआ था. मेडिकल जांच में उसके नशे में होने की पुष्टि हुई थी, जिसके आधार पर बाइक को नियम अनुसार सीज किया गया.
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद पंकज को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था और घायल चिकित्सक व पंकज के बीच आपसी समझौता भी हो गया था, जिसमें किसी ने कानूनी कार्रवाई की इच्छा नहीं जताई. फिलहाल, पुलिस इस आत्महत्या के मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है, जिसमें युवक द्वारा लगाए गए आरोप भी शामिल हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.



