हाईकोर्ट के आदेश के बाद भर्ती अर्हता पूरी न करने वाले 69 शिक्षक बर्खास्त, 10 रुद्रप्रयाग के

देहरादून, 2 मई। बीएड में निर्धारित 50 प्रतिशत से कम अंक होने के बावजूद प्राथमिक शिक्षा विभाग में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों पर आखिरकार गाज गिर ही गई। शिक्षक भर्ती के लिए अर्हता पूरी न करने वाले 69 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। अपर शिक्षा निदेशक केएस रावत के मुताबिक कोर्ट के एक आदेश के बाद विभाग की ओर से यह कार्रवाई की गई है। बर्खास्त होने वाले शिक्षक विभिन्न जिलों के हैं।
2018-19 का है मामला
अपर शिक्षा निदेशक के मुताबिक शिक्षक भर्ती का मामला वर्ष 2018-19 का है। उस दौरान शिक्षक भर्ती के लिए नियमावली में यह व्यवस्था थी कि प्राथमिक में सहायक अध्यापक के पद पर भर्ती के लिए अभ्यर्थी बीएड होना चाहिए। जिसके स्नातक में 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए। भर्ती के दौरान विभाग ने अर्हता पूरी न करने वाले शिक्षकों के आवेदन रद्द कर दिए थे, लेकिन कुछ अभ्यर्थी इसके खिलाफ कोर्ट चले गए थे। तब कोर्ट ने इनके प्रकरण में आदेश किया था कि शिक्षा विभाग इनके आवेदन को लेते हुए इनकी नियुक्ति को कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन रखे।
हालांकि, मामले की अंतिम सुनवाई में अदालत ने उनकी अपील खारिज कर दी, जिससे उनकी नियुक्ति को अवैध माना गया। हाई कोर्ट के इसी अंतिम निर्णय के अनुपालन में शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दीं। जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) अभय कुमार चौधरी ने इस संबंध में सभी जिले की तहसीलों रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ, जखोली और बसुकेदार के उप जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि यदि ये शिक्षक वर्तमान में जनगणना कार्य में लगे हुए हैं तो उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाए।
इनमें से 10 शिक्षक रुद्रप्रयाग जिले के हैं
अपर शिक्षा निदेशक ने बताया कि हाईकोर्ट इस मामले में अंतिम फैसला दे चुका है। जिसके बाद अर्हता पूरी न करने वाले इन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इसमें 10 शिक्षक रुद्रप्रयाग जिले के हैं। जबकि अन्य शिक्षक ऊधमसिंह नगर, पौड़ी, पिथौरागढ़, टिहरी जिले के हैं।
इन शिक्षकों की सेवा की समाप्त- सरिता चमोला, अरविंद नेगी, सादेव प्रसाद, श्याम लाल, सुभाष कुमार, खजान सिंह, अनूप पुजारी, रानी देवी, पुष्पेंद्र सिंह, चंदर सिंह। ये सभी विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे और जखोली, अगस्त्यमुनि व ऊखीमठ विकासखंडों में तैनात थे।
उस दौरान रुद्रप्रयाग जिले में इस तरह के 15 अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन किया था। इसमें से पांच शिक्षकों ने बाद में पदभार ग्रहण नहीं किया। जबकि अन्य सेवा में आ गए थे। जिनकी सेवा समाप्त कर दी गई है।
-अजय चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक, रुद्रप्रयाग
शिक्षकों को जनगणना डयूटी से हटाया
जिन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उन्हें जनगणना डयूटी से भी हटा दिया गया है। बताया गया है कि इनमें से कई शिक्षकों की जनगणना डयूटी लगी थी। विभाग से सेवा समाप्त होने के बाद उनकी जनगणना डयूटी भी हटा दी गई है।



