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बिथ्याणी डिग्री कालेज में छात्र-छात्राओं सहित स्थानीय लोगों ने PHC यमकेश्वर के विशेषज्ञों से जांची सेहत

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​बिथ्याणी (यमकेश्वर), 13 मई। क्षेत्र के अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थान, महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी में बुधवार, 13 मई 2026 को राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा एक दिवसीय विशाल स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), यमकेश्वर के विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरामेडिकल टीम के सहयोग से आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना और उन्हें आवश्यक चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराना रहा।

​शिविर का विधिवत शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य एवं डॉ विनय कुमार पांडेय (कार्यक्रम अधिकारी) द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर पीएचसी यमकेश्वर से आए मुख्य चिकित्सा अधिकारी और उनकी टीम का बुके भेंट कर स्वागत किया गया। अपने संबोधन में प्राचार्य ने कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ चिकित्सा सुविधाएं सुलभ नहीं हैं।

​विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण


​शिविर सुबह 10:30 बजे से शुरू होकर शाम तक चला, जिसमें 200 से अधिक छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों और कॉलेज स्टाफ ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया।

चिकित्सा टीम ने शिविर के दौरान निम्न सेवाएं प्रदान कीं
​सामान्य स्वास्थ्य जांच- सर्दी, खांसी, बुखार और मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु परामर्श।
​रक्त परीक्षण- हीमोग्लोबिन की कमी (एनीमिया) की पहचान के लिए छात्र-छात्राओं के रक्त के नमूने लिए गए।
​ब्लड प्रेशर और ईसीजी- उम्रदराज स्टाफ और जरूरतमंद छात्रों के लिए बीपी और हृदय संबंधी प्रारंभिक जांच की गई।
​निशुल्क दवा वितरण- परीक्षण के बाद डॉक्टरों द्वारा लिखी गई आवश्यक दवाएं और विटामिन की गोलियां मौके पर ही निशुल्क उपलब्ध कराई गईं।

​स्वास्थ्य जागरूकता सत्र
​शिविर के दूसरे चरण में एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। स्वास्थ्य केंद्र के विशेषज्ञों ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली सामान्य बीमारियों, जैसे कि थायराइड, जलजनित रोगों और स्वच्छता की कमी से होने वाले संक्रमणों पर विस्तृत जानकारी दी। महिला स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए महिला चिकित्सकों ने छात्राओं को पोषण और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में समझाया। डॉक्टरों ने बताया कि संतुलित आहार और योग के माध्यम से कई जटिल बीमारियों को दूर रखा जा सकता है।

​योग और जीवनशैली का महत्व
​शिविर में उपस्थित चिकित्सा विशेषज्ञों ने महाविद्यालय के छात्रों को नियमित व्यायाम और योग की सलाह दी। उन्होंने बताया कि आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव प्रबंधन एक चुनौती है, जिसे प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है। छात्रों को जंक फूड से बचने और स्थानीय मोटे अनाज (जैसे मंडुआ और झंगोरा) को अपने भोजन में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

​निष्कर्ष और आभार
​शिविर के समापन पर महाविद्यालय प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समन्वयक ने कहा कि इस तरह के शिविर भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा ग्रहण कर रहे युवाओं को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके। ​इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी और पीएचसी यमकेश्वर की नर्सिंग टीम एवं लैब टेक्नीशियन मौजूद रहे। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी महाविद्यालय की इस पहल की सराहना की है, जिससे छात्र न केवल जागरूक हुए बल्कि उन्हें अपने घर के समीप ही बेहतर चिकित्सा परामर्श प्राप्त हुआ।

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