
नई दिल्ली, 13 मई। देश में महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है. अमूल के साथ-साथ मदर डेयरी का दूध भी महंगा हो गया है. अमूल दूध के बारे में जानकारी देते हुए गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने कहा कि, उसने अमूल के 1 लीटर दूध पर 2 रुपये की कीमत बढ़ा दी है. बढ़ी हुई कीमतें 14 मई से लागू होंगी. बढ़ी हुई अमूल दूध की यह कीमत सभी वैरिएंट पर लागू होंगे.
पिछली बार अमूल दूध की कीमतों में वृद्धि 1 मई, 25 को हुई थी
पिछली बार अमूल दूध की कीमतों में वृद्धि 1 मई, 2025 को हुई थी. जीसीएमएमएफ ने एक बयान में कहा कि उसने पूरे भारत में प्रमुख दूध बिक्री, प्रकारों, पैकेटों में ताजे पाउच दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है, जो 14 मई से प्रभावी है. दूध की कीमतों में इस बढ़ोतरी से खाद्य महंगाई पर असर पड़ने की संभावना है और इससे मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के बजट पर भी बोझ पड़ेगा. जीसीएमएमएफ ने एक बयान में कहा कि उसने पूरे भारत में दूध के विभिन्न पैक की कीमतें दो रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी हैं, जो 14 मई से प्रभावी होंगी.
कंपनी कहा कि यह बढ़ोतरी लगभग 2.5-3.5 प्रतिशत प्रति लीटर की है, जो औसत खाद्य महंगाई दर से कम है. जीसीएमएमएफ ने कहा, कीमतों में यह बढ़ोतरी दूध के परिचालन और उत्पादन की कुल लागत में वृद्धि के कारण की जा रही है. इस साल पशु आहार, दूध की पैकेजिंग सामग्री और ईंधन की लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है.
इस सहकारी संस्था ने बताया कि उसके सदस्य संघों ने भी किसानों के लिए खरीद मूल्य में 30 रुपये प्रति किलोग्राम वसा (फैट) की बढ़ोतरी की है, जो मई, 2025 की तुलना में 3.7 प्रतिशत अधिक है. दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के लिए संशोधित दरों के अनुसार, 500 मिलीलीटर के पैक में ‘स्लिम एन’ किस्म की कीमत 27 रुपये, ‘ताजा’ की 30 रुपये, ‘गाय के दूध’ की 31 रुपये और ‘गोल्ड’ की 36 रुपये होगी.
भैंस के दूध की कीमत में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी
भैंस के दूध की कीमत में चार रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जिससे इसकी कीमत अब 80 रुपये प्रति लीटर हो गई है. जीसीएमएमएफ ने कहा कि अमूल की नीति के अनुसार, उपभोक्ता दूध और दूध उत्पादों के लिए जो भी कीमत चुकाते हैं, उसका लगभग 80 पैसा दूध उत्पादकों तक पहुंचाया जाता है. उन्होंने आगे कहा कि कीमतों में इस संशोधन से दूध उत्पादकों को दूध के उचित मूल्य मिलते रहेंगे और उन्हें अधिक दूध उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा.
डेयरी उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण, वित्त वर्ष 2025-26 में अमूल ब्रांड का कुल कारोबार 11 प्रतिशत बढ़कर एक लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया. जीसीएमएमएफ दुनिया की सबसे बड़ी किसानों के स्वामित्व वाली डेयरी सहकारी संस्था है, जिसमें 36 लाख किसान शामिल हैं. यह 50 से ज्यादा देशों में अमूल दूध और दूध से बने उत्पादों के विपणन का काम संभालती है.
यह हर दिन 3.1 करोड़ लीटर दूध इकट्ठा करती है और सालाना अमूल उत्पादों के 24 अरब से ज़्यादा पैक वितरित करती है, जिनमें दूध, मक्खन, चीज, घी और आइसक्रीम आदि शामिल हैं.
मदर डेयर दूध भी हुआ महंगा
वहीं, मदर डेयरी ने भी दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की है. दूध की नई कीमतें 14 मई से लागू होंगी. मदर डेयरी ने पिछली बार दूध की कीमतों में बदलाव अप्रैल 2025 के आखिर में किया गया था.



