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देवभूमि का मूल स्वभाव बिगाड़ने वालों को छोड़ेंगे नहीं, दोषियों को मिलेगी कठोर सजा : CM

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खटीमा, 16 मई। शनिवार को सूबे के मुख्यमंत्री नानकमत्ता दौरे पर पहुंचे. सीएम धामी ने इस अवसर पर नानकमत्ता की पावन धरती से सीएम धामी ने जहां वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के साहस और राष्ट्रभक्ति को नमन किया. वहीं धर्मांतरण और देवभूमि की संस्कृति से खिलवाड़ करने वालों को सख्त चेतावनी भी दी. गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेकने के बाद सीएम धामी ने जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई.

महाराणा प्रताप के अदम्य साहस और पराक्रम को किया याद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सबसे पहले गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की. इसके बाद मुख्यमंत्री वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती समारोह में शामिल हुए. जहां आयोजकों और स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति, पराक्रम और स्वाभिमान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है.

उन्होंने कहा महाराणा प्रताप का अनुशासित जीवन, मातृशक्ति के प्रति सम्मान और मातृभूमि के लिए समर्पण प्रत्येक नागरिक को प्रेरित करता है. मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार जनजातीय समाज के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है. उन्होंने कहा थारू जनजाति सहित सभी जनजातीय समुदायों के विकास के लिए शिक्षा, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं. सरकार का लक्ष्य योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है.

देवभूमि में धर्मांतरण के लिए कोई जगह नहीं
सीएम धामी ने मंच से धर्मांतरण के मुद्दे पर भी कड़ा संदेश दिया. सीएम धामी ने कहा देवभूमि की संस्कृति, परंपरा और धार्मिक स्वरूप को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड सरकार धर्मांतरण जैसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया. कार्यक्रम संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री अपने अगले दौरे के लिए चंपावत के लिए रवाना हो गए. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि उत्तराखंड देवभूमि है और इसकी पहचान, जनसांख्यिकी और समृद्ध संस्कृति के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

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