
देहरादून, 19 मई। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन हो गया है. भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर उत्तराखंड में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है. इससे जुड़ा आदेश भी जारी कर दिया गया है. जारी आदेश में लिखा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन हो गया है, जिसके कारण उत्तराखंड में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया जाता है. इस दौरान तीन दिनों तक समस्त जनपदों में सरकारी ऑफिस बंद रहेंगे. साथ ही राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे.
तीन दिन का राजकीय शोक घोषित
तीन दिन के राजकीय शोक के दौरान कोई भी शासकीय मनोरंजन (Official Entertainment) के कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे. पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी की अंत्येष्टि 20 मई को पुलिस सम्मान के साथ संपन्न कराई जाएगी. अंत्येष्टि के दिन राज्य सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे.
सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी स्कूल 20 तारीख को बंद
राज्य में विद्यालय शिक्षा के अंतर्गत सभी शासकीय अशासकीय एवं निजी शैक्षणिक संस्थान 20 तारीख को बंद रहेंगे. उत्तराखंड के माध्यमिक शिक्षा और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक की तरफ से सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को दिए गए आदेशों में कहा गया है कि भूतपूर्व मुख्यमंत्री के सम्मान में 20 तारीख को उनकी अंत्येष्टि के दिन राज्य सरकार के समस्त कार्यालय बंद रहेंगे. ऐसे में राज्य में विद्यालय शिक्षा के अंतर्गत समस्त शासकीय अशासकीय और निजी शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों में शासन की ओर से जारी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. 20 मई उत्तराखंड के सभी शिक्षण संस्थान और कार्यालय बंद रहेंगे.
बीसी खंडूड़ी का जीवन परिचय
बीसी खंडूड़ी पौड़ी गढ़वाल के मूल निवासी थे.
1 अक्टूबर 1933 को बीसी खंडूड़ी का जन्म हुआ.
बीसी खंडूड़ी दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे.
पहली बार 2007 से 2009 तक और दूसरी बार 2011 से 2012 तक सीएम रहे.
वह पहली बार 8 मार्च 2007 से 27 जून 2009 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे.
फिर 11 सितंबर 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के इस्तीफे के बाद वे वापस उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने.
राजनीति में आने से पहले उन्होंने 1954 से लेकर 1990 तक भारतीय सेना में 36 साल नौकरी की थी.
1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध में वो रेजीमेंट कमांडर रह चुके हैं.
खंडूड़ी को 1982 में अतिविशिष्ट सेना मेडल से सम्मानित किया गया था.
खंडूड़ी की पढ़ाई-लिखाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय, सैन्य अभियांत्रिकी महाविद्यालय (सीएमई) पुणे, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स, नई दिल्ली और रक्षा प्रबंध संस्थान सिकंदराबाद में हुई.
सेवानिवृत्ति के बाद वो राजनीति में आए और 1991 तथा बाद के चुनावों में उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए.
बता दें इससे पहले भुवन चंद्र खंडूड़ी ने निधन पर हर कोई दुख जता रहा है. राष्ट्रपति, पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनके निधन पर शोक जताया है. इसके साथ ही उत्तराखंड कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियान ने भी भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन को प्रदेश के लिए बड़ी क्षति बताया है.



