
रुद्रप्रयाग, 5 जून। केदारनाथ यात्रा के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. डीएम विशाल मिश्रा ने निर्माणाधीन भीमबली-गरुड़चट्टी-केदारनाथ पैदल मार्ग पर तीर्थयात्रियों एवं आमजन के आवागमन को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.
पुलिस विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और अधिशासी अभियंता डीडीएमए गुप्तकाशी को निर्देशित किया है कि प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए. किसी भी यात्री को निर्माणाधीन मार्ग से गुजरने की अनुमति न दी जाए.
विशाल मिश्रा, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग
निर्माण कार्य के बीच बना हुआ है बड़ा खतरा
प्रशासन की मानें तो इस पैदल मार्ग पर अभी निर्माण कार्य जारी है. जिस वजह से यह मार्ग पूरी तरह सुरक्षित या इस्तेमाल योग्य स्थिति में नहीं है. बारिश और पहाड़ी क्षेत्र की संवेदनशील भौगोलिक परिस्थितियों के कारण मार्ग पर पत्थर गिरने, भूस्खलन, ढलानों के खिसकने समेत अन्य प्राकृतिक आपदाओं का गंभीर खतरा बना हुआ है.
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि ऐसे हालात में यात्रियों को इस मार्ग से गुजरने देना उनकी सुरक्षा के साथ समझौता होगा. किसी भी समय दुर्घटना घटित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए एहतियातन यह प्रतिबंध लगाया गया है.
स्थानीय व्यापारियों और टेंट संचालकों ने भी जताई थी चिंता
प्रशासन को स्थानीय व्यापारियों, टेंट संचालकों और अन्य हितधारकों की ओर से लगातार सुरक्षा संबंधी शिकायतें एवं सुझाव मिल हो रहे थे. सभी ने निर्माणाधीन एवं जोखिमपूर्ण मार्ग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की थी. इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जनहित में यह निर्णय लिया है.
बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा बल होंगे तैनात
डीएम मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंधित मार्ग पर मजबूत बैरिकेडिंग की जाए. चेतावनी संकेतक लगाए जाएं और पर्याप्त पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए. भीमबली-गरुड़चट्टी-केदारनाथ पैदल मार्ग पर पुलिस विभाग और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण संयुक्त रूप से निगरानी करेंगे. ताकि, कोई भी यात्री गलती से या जानबूझकर इस निर्माणाधीन मार्ग का इस्तेमाल न कर सकें.
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने सभी तीर्थयात्रियों और आमजन से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. केवल अधिकृत और सुरक्षित मार्गों से ही केदारनाथ यात्रा करें.
सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
लगातार खराब मौसम, भूस्खलन की आशंकाओं और निर्माण कार्य को देखते हुए जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि केदारनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जाएगा.
फिलहाल, निर्माणाधीन भीमबली-गरुड़चट्टी-केदारनाथ मार्ग पर आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इससे पहले कुछ यात्री इस मार्ग का इस्तेमाल कर रहे थे. जो अपनी जान को जोखिम में डाल रहे थे. जिसके मद्देनजर अब प्रतिबंध लगा दिया है. वहीं, गौरीकुंड-रामबाड़ा-लिनचोली-केदारनाथ मार्ग से यात्रा निर्वाध जारी है.



