
बहादराबाद (हरिद्वार), 17 जून। हरिद्वार के धार्मिक इतिहास में 17 जून का दिन बड़े स्वर्णिम अध्याय के रूप में जुड़ गया है। हरिद्वार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बहादराबाद टोल प्लाजा के समीप स्थित श्री साईं शिव गंगा धाम (शिर्डी साईं बाबा मंदिर) में विश्व के सबसे बड़े पारद शिवलिंग (पारद ध्यान लिंगम) प्राण प्रतिष्ठा समारोह वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन एवं विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुआ।
वीओ पंचायती निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरि महाराज ने बताया कि शिवलिंग को रघुनाथ देव महाराज ने भेंट किया है यह कार्य सिर्फ हरिद्वार के लिए नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए महत्वपूर्ण है। शिवलिंग की पूजा दर्शन करने से निसंदेह लोगों का उपकार होगा। लोगों की सभी इच्छाएं पूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि संसार में धन तो बहुत लोगों के पास होता है परंतु कुछ लोग उस धन को धर्म के लिए खर्च करते हैं।
5210 किलोग्राम है वजन
यह पारद ध्यान लिंगम अपने अद्वितीय आकार और 5210 किलोग्राम वजन के कारण इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड और एशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इसमें 3333 किलो शुद्ध पारे का उपयोग ठोस रूप में किया गया है। यह शिवलिंग हरिद्वार दिल्ली नेशनल हाईवे पर बहादराबाद टोल प्लाजा के पास बने शिरडी साईं बाबा मंदिर में विश्व शांति की भावना से स्थापित किया गया है और इसके निर्माण में 10 साल का समय लगा है।
इसका निर्माण परम पूज्य पीर योगी महंत सोमनाथ बाप्पू और पद्मभूषण डा. विजय भटकर के विशेष आशीर्वाद तथा शिर्डी समर्थ ट्रस्ट के ट्रस्टी राजीव बंसल के सहयोग से पूर्ण हुआ है।



